
Lieutenant General Shamsher Singh Virk:भारतीय सेनामें वरिष्ठ स्तर पर महत्वपूर्ण जिम्मेदारी में बदलाव हुआ है। लेफ्टिनेंट जनरल शमशेर सिंह विर्क ने गुरुवार को उपसेना प्रमुख (क्षमता विकास एवं सस्टेनेंस) का पदभार संभाल लिया। इससे पहले वह पश्चिमी मोर्चे पर एक कोर के कमांडर के तौर पर जिम्मेदारी निभा रहे थे।
नई जिम्मेदारी के तहत लेफ्टिनेंट जनरल विर्क भारतीय सेना की क्षमता विकास और सस्टेनेंस से जुड़ी विभिन्न पहलों की निगरानी करेंगे। बदलते सुरक्षा परिदृश्य के बीच सेना की सैन्य क्षमताओं को लगातार मजबूत और प्रभावी बनाए रखना इस पद की प्रमुख जिम्मेदारियों में शामिल है।
इससे एक दिन पहले भारतीय सेना के कई अधिकारी सैन्य सेवा से सेवानिवृत्त हुए।सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठने सेवानिवृत्त हो रहे अधिकारियों को सम्मानपूर्वक विदाई दी और राष्ट्र के प्रति उनके निस्वार्थ एवं समर्पित सेवा भाव की सराहना की।सेना के मुताबिक, बुधवार को सेवानिवृत्त हुए इन अधिकारियों का योगदान केवल उनके सक्रिय सैन्य जीवन तक सीमित नहीं रहेगा। उनके अनुभव, मूल्यों और ज्ञान से आगे भी राष्ट्र निर्माण में योगदान मिलने की उम्मीद है।
सेना प्रमुख ने सेवानिवृत्त अधिकारियों की सेवाओं और योगदान को भारतीय सेना की विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया। भारतीय सेना ने भी उनके समर्पण और लंबे समय तक की गई सेवा को सम्मान देते हुए उनके भविष्य के प्रयासों के लिए शुभकामनाएं दीं। इस तरह एक ओर सेना में वरिष्ठ स्तर पर नई जिम्मेदारी की शुरुआत हुई, वहीं दूसरी ओर लंबे समय तक राष्ट्र की सेवा करने वाले अधिकारियों को सम्मान के साथ विदाई दी गई।
इसी बीच सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ और भारतीय सेना के सभी रैंकों ने मुख्यालय एकीकृत रक्षा स्टाफ के 26वें स्थापना दिवस के अवसर पर शुभकामनाएं दीं। इस मौके पर भारतीय सेना ने एकीकृत रक्षा व्यवस्था को मजबूत करने में मुख्यालय की भूमिका के प्रति सम्मान व्यक्त किया।भारतीय सेना लगातार बदलते सुरक्षा माहौल को देखते हुए विभिन्न मोर्चों पर अपनी तैयारियों और क्षमताओं को मजबूत करने पर जोर दे रही है।
इससे पहले बीते सप्ताह सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ ने जम्मू-कश्मीर में चिनार कोर के अग्रिम इलाकों का दौरा किया था। इस दौरान उन्होंने नियंत्रण रेखा और अंदरूनी इलाकों में सुरक्षा स्थिति की समीक्षा की और तैनात सैनिकों से बातचीत की। सेना प्रमुख ने तंगधार में 'ऑपरेशन दृष्टि 2026' का भी जायजा लिया। उनके दौरे के दौरान उत्तरी कमान के तहत आने वाली चिनार कोर के स्थानीय कमांडरों ने मौजूदा सुरक्षा माहौल और सेना की तैयारियों के बारे में जानकारी दी।