
Lal Krishna Advani: बीजेपी के वरिष्ठ नेता और पूर्व उपप्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी को सीने में इंफेक्शन की शिकायत के बाद दिल्ली के अपोलो अस्पताल में भर्ती कराया गया है। 98 वर्षीय आडवाणी को शुक्रवार शाम करीब 7:30 बजे अस्पताल लाया गया। फिलहाल उनकी हालत स्थिर बताई गई है और अस्पताल के पल्मोनरी विभाग में उनका इलाज चल रहा है। आडवाणी को इंफेक्शन की शिकायत के बाद चिकित्सकीय निगरानी में रखा गया है। उनकी सेहत को लेकर फिलहाल यही जानकारी सामने आई है कि उनकी हालत स्थिर है।
पूर्व उप प्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी को दिसंबर 2024 में स्वास्थ्य जांच और उपचार के लिए दिल्ली के इंद्रप्रस्थ अपोलो अस्पताल की इंटेंसिव केयर यूनिट (ICU) में भर्ती कराया गया था। उस दौरान न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. विनीत सूरी की निगरानी में उनका इलाज किया गया।
आडवाणी के अस्पताल में भर्ती होने से करीब एक सप्ताह पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 7 अक्टूबर को नई दिल्ली स्थित उनके आवास पर मुलाकात की थी। इस दौरान मोदी ने सरकार के प्रमुख के तौर पर 25 साल पूरे होने पर आडवाणी से आशीर्वाद लिया था। नरेंद्र मोदी ने 7 अक्टूबर 2001 को गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में कार्यभार संभाला था। इसके बाद उन्होंने तीन बार राज्य के मुख्यमंत्री के तौर पर जिम्मेदारी निभाई। बाद में वह प्रधानमंत्री बने और लगातार तीन लोकसभा चुनावों में जीत हासिल की।
लालकृष्ण आडवाणी से मुलाकात के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर उनके सार्वजनिक जीवन में योगदान की सराहना की थी। उन्होंने कहा था कि आडवाणी की कई दशकों की सार्वजनिक सेवा ने देश के जीवन पर गहरी छाप छोड़ी है। मोदी ने देश की प्रगति को मजबूत करने में आडवाणी की भूमिका का भी जिक्र किया था।
लालकृष्ण आडवाणी भारतीय राजनीति के वरिष्ठ नेताओं में शामिल हैं। राम मंदिर आंदोलन में उनकी अहम भूमिका रही। उन्होंने 25 सितंबर 1990 को गुजरात के सोमनाथ मंदिर से राम रथ यात्रा की शुरुआत की थी। उनके लंबे सार्वजनिक जीवन और राजनीतिक योगदान को देखते हुए केंद्र सरकार ने वर्ष 2024 में उन्हें देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न से सम्मानित किया था।