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Blast In Jammu-Kashmir: जम्मू-कश्मीर में लैंडमाइन धमाका, भारतीय सेना के दो जवान घायल

जम्मू-कश्मीर में LoC के पास माइन ब्लास्ट में भारतीय सेना के दो जवान घायल हो गए। घायल सैनिकों को श्रीनगर के 92 बेस हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया।
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Jul 28, 2026
Indian Army
भारतीय सेना के जवान। (फाइल फोटो- ANI)

जम्मू-कश्मीर के बारामूला जिले में लैंडमाइन धमाका हुआ है। इसमें भारतीय सेना के दो जवान घायल हो गए हैं। इस घटना के बाद घायल सैनिकों को वहां से निकालकर श्रीनगर के 92 बेस हॉस्पिटल में इलाज के लिए भेजा गया।

यह घटना फॉरवर्ड एरिया में ऑपरेशनल गतिविधियों के दौरान हुई। धमाके के बाद भारतीय सेना इलाके में अलर्ट हो गई है। सूत्रों के हवाले से मीडिया रिपोर्ट्स में बताया जा रहा है कि सेना के अधिकारी उनकी हालत पर बारीकी से नजर रख रहे हैं।

धमाके को लेकर जांच शुरू

सूत्रों के हवाले से यह भी जानकारी सामने आई है कि सेना के अधिकारी घायल जवानों की हालत पर बारीकी से नजर रख रहे हैं। सुरक्षा बलों ने इस बात का पता लगाने के लिए जांच शुरू कर दी है कि धमाका किन हालात में हुआ और क्या यह कोई हादसा था या LoC के पास किसी दूसरी गतिविधि से जुड़ा था।

अधिकारियों ने बताया कि धमाके की वजह की अभी जांच की जा रही है। बता दें कि यह धमाका 15 अगस्त से पहले हुआ है, जिसको लेकर घटना की गंभीरता और बढ़ गई है।

15 अगस्त के समारोह की चल रही तैयारी

यह धमाका तब हुआ है, जब जम्मू में आने वाले स्वतंत्रता दिवस समारोह के लिए सुरक्षा और प्रशासनिक तैयारियों की समीक्षा के लिए एक हाई लेवल बैठक चल रही थी।

इस बैठक की अध्यक्षता जम्मू के डिविजनल कमिश्नर रमेश कुमार ने की। इस मीटिंग में पुलिस महानिरीक्षक (आईजीपी) भीम सेन टूटी भी मौजूद थे। दोनों के अलावा बैठक में विभिन्न विभागों और जिलों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।

किन-किन बातों पर हुई चर्चा

बैठक के दौरान, अधिकारियों ने 15 अगस्त को समारोह को सुचारू, व्यवस्थित और भव्य तरीके से आयोजित करने के लिए की जाने वाली व्यवस्थाओं पर चर्चा की। समीक्षा में कई अहम पहलुओं पर बात हुई।

बैठक में जिन मुद्दों पर खास तौर पर चर्चा हुई, उनमें सुरक्षा उपाय, ट्रैफिक कंट्रोल, परेड की व्यवस्था, सांस्कृतिक कार्यक्रम, मंच प्रबंधन, रोशनी की व्यवस्था, पीने के पानी की आपूर्ति, चिकित्सा सुविधाएं, साफ-सफाई और अन्य जरूरी सेवाएं शामिल थीं।

बता दें कि जम्मू-कश्मीर में आतंकी 15 अगस्त से पहले शांति व्यवस्था को बिगाड़ने की अक्सर कोशिश करते हैं, लेकिन भारतीय सेना के जवानों के प्रयास से वह अपने मंसूबों में कामयाब नहीं हो पाते।

Updated on:
28 Jul 2026 09:24 pm
Published on:
28 Jul 2026 09:05 pm