
दक्षिण भारत के राज्य केरल में निपाह वायरस का 'बांग्लादेश वेरिएंट' तेजी से पांव पसार रहा है। राज्य में निपाह वायरस के 5 केसों की पुष्टि हो गई है। वहीं, दो मरीजों की मौत भी हो चुकी है। ताजा मामले में 24 वर्षीय स्वास्थ्य कार्यकर्ता निपाह रोगी के निकट संपर्क में आया था, वह निपाह संक्रमित पाया गया है। कल यानी बुधवार को निपाह वायरस का पांचवां मामला दर्ज किया गया।
इसके बाद केरल के कोझिकोड जिले में सभी शिक्षण संस्थानों को दो दिनों के लिए बंद कर दिया गया है। उम्मीद जताई जा रही है कि ICMR द्वारा सभी संक्रमित मरीजों के इलाज के लिए मोनोक्लोनल एंटीबॉडीज आज गुरुवार को उपलब्ध करा दी जाएगी।
बांग्लादेश वेरिएंट है निपाह स्ट्रेन
इस बार केरल में जो निपाह स्ट्रेन पाया गया है, वह बांग्लादेश वैरिएंट है जो कम संक्रामक है लेकिन मृत्यु दर अधिक है। यह स्ट्रेन इंसान से इंसान में फैलता है। बता दें कि निपाह एक ज़ूनोटिक वायरस है जो संक्रमित जानवरों या दूषित भोजन से मनुष्यों में फैल सकता है।
फिर यह एक संक्रमित व्यक्ति से दूसरे में संचारित हो सकता है। इसके लक्षणों में बुखार, सिरदर्द, खांसी, सांस लेने में कठिनाई, उल्टी शामिल हैं जो गंभीर मामलों में मस्तिष्क की सूजन आ जाती है, जिससे मनुष्य की मृत्यु तक हो सकती है।
इस वायरस के लक्षण जानिए
अगर कोई व्यक्ति निपाह वायरस से संक्रमित होता है तो उसमें तेज बुखार, बहुत तेज सिरदर्द, सांस लेने में परेशानी, गले में दर्द जैसे लक्षण दिखाई पड़ेंगे। वहीं अगर संक्रमण का लेवल ज्यादा हो जाएगा तो इंसान इन्सेफेलाइटिस का भी शिकार हो सकता है और इस वजह से अगले 24 से 48 घंटे में कोमा में जा सकता है। इस वायरस से संक्रमित लोगों में इसके लक्षण 5 से 14 दिन के भीतर दिख सकते हैं।
लेकिन कुछ मामलों में संक्रमण 45 दिनों तक भी पाया जाता है। इस वायरस की सबसे खतनाक पहलू की बात करें तो आपको पता भी नहीं चलेगा की आप इसकी चपेट में आ चुके हैं और कई दूसरे लोगों को अनजाने में संक्रमित भी कर देंगे। इंसान से इंसान में यह वायरस फ़ैल रहा है। डॉक्टर्स का यह भी कहना है कि कुछ मामले ऐसे भी हो सकते हैं जहां पर व्यक्ति निपाह से संक्रमित हो जाएगा, लेकिन उसमें कोई लक्षण दिखाई नहीं देगा।
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केंद्र सरकार ने भेजी टीम
केंद्र सरकार के एक्टिव होने का कारण है लगातार मामलों का बढ़ना और हाल में हुई दो मौतें। सरकार को यह पता है कि अभी कुछ महीनों पहले ही कोरोना को वैश्विक महामारी से हटाकर WH0 ने राहत दी है। 2020 और 2021 में देश की कोरोना ने क्या हालत कर दी थी यह किसी से छुपा नहीं है। लोग अब भी उस नाजुक वक्त को याद कर सहम जाते हैं। कोविड ने भारत की अर्थव्यवस्था को भी चोट पहुंचाई थी। ऐसे में एक और वायरस का देश में हावी होना अच्छी बात नहीं है। इसलिए केंद्र सरकार ने हेल्थ एक्सपर्ट्स की एक टीम वहां भेजी है। वह वहां के हालात और वायरस के संक्रमण के बारे में पता लगाएगी।