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लोकसभा में क्यों हुआ जमकर हंगामा; सदन 9 मार्च तक स्थगित

संसद सत्र: पुरी के इस्तीफे की मांग को लेकर लोकसभा में जमकर हंगामा हुआ। इसके चलते लोकसभा की कार्यवाही दो बार बाधित होने के बाद 9 मार्च तक के लिए स्थगित कर दी गई।

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Feb 14, 2026
संसद के बजट सत्र के पहले चरण का आखिरी दिन भी लोकसभा में हंगामेदार रहा। नारेबाजी करते दिखे विपक्ष के नेता (इमेज सोर्स: ANI एक्स)

Lok Sabha House Adjourned: संसद के बजट सत्र के पहले चरण का आखिरी दिन भी लोकसभा में हंगामेदार रहा। एपस्टीन दस्तावेज में नाम आने के चलते केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी के इस्तीफे की मांग को लेकर कांग्रेस समेत विपक्ष ने लोकसभा में नारेबाजी की। इसके चलते लोकसभा की कार्यवाही दो बार बाधित होने के बाद 9 मार्च तक के लिए स्थगित कर दी गई।

बजट सत्र के 13 वें दिन लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही पूरे दिन नहीं चल पाईं। लोकसभा की कार्यवाही करीब 13 मिनट ही चल पाई। वहीं, राज्यसभा की कार्यवाही दो घंटे तक चली। अब दोनों सदनों की कार्यवाही 9 मार्च से शुरू होगी। शुक्रवार सुबह 11 बजे लोकसभा में विपक्षी सांसदों ने मंत्री हरदीप पुरी इस्तीफा दो के नारे लगाने शुरू कर दिए। इसके 5 मिनट बाद ही सदन स्थगित कर दिया गया। दोपहर 12 बजे सदन की कार्यवाही दोबारा शुरू हुई। फिर हंगामे के चलते आठ मिनट में कार्यवाही को 9 मार्च तक के लिए स्थगित करना पड़ा। वहीं संसद परिसर में विपक्षी सांसदों ने पुरी के इस्तीफे की मांग को लेकर मार्च भी किया।

दुबे के प्रस्ताव पर बात करेंगे : रिजिजू

संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि सरकार ने मोशन लाने का फैसला किया था। राहुल गांधी ने नियमों को तोड़ा और एक अप्रकाशित किताब का गैर-कानूनी तरीके से जिक्र किया। उन्होंने बजट भाषण में कई झूठ बातें कहीं है। हम उन्हें कई मुद्दों पर नोटिस देना चाहते थे। उन्होंने कहा कि सांसद निशिकांत दुबे एक सब्सटेंटिव मोशन लाए हैं, इसलिए हम विशेषाधिकार हनन का नोटिस हटा रहे हैं। कोई भी सांसद मोशन ला सकता है। सब्सटेंटिव मोशन के मंजूर होने के बाद, हम स्पीकर से बात करने के बाद तय करेंगे कि हम इसे प्रिविलेज कमेटी या एथिक्स कमेटी को भेज सकते हैं या हाउस में चर्चा के लिए ला सकते हैं। यह बाद में तय किया जाएगा।

किसके निर्देश पर एपस्टीन से मिले पुरी : खेड़ा

कांग्रेस के मीडिया व पब्लिसिटी विभाग के अध्यक्ष पवन खेड़ा ने कहा कि हरदीप पुरी ने एपस्टीन मुद्दे पर झूठ बोला है। ये वही पुरी हैं, जिन्हें बिना सांसद बने ही नरेंद्र मोदी ने मंत्री बनाया था। खेड़ा ने कहा कि पुरी ने तीन-चार बार मुलाकात की बात स्वीकार की है। सवाल है कि आखिर किसके निर्देश पर रिटायर हो चुके पुरी को एपस्टीन से मिलने भेजा जाता था

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Published on:
14 Feb 2026 02:24 am
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