राष्ट्रीय

‘मेरा और राहुल का माइक काट दिया गया’, पीठासीन के व्यवहार से निराश हुए थरूर, सदन से बाहर निकलने के बाद क्या बोले?

लोकसभा का सत्र सोमवार को सुबह 11 बजे शुरू हुआ, लेकिन दो बार स्थगित होने के बाद दोपहर 2 बजे फिर शुरू हुआ। विपक्ष ने भारत-अमेरिका अंतरिम व्यापार फ्रेमवर्क पर चर्चा की मांग की और राहुल गांधी को बोलने न देने का आरोप लगाया।
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Feb 09, 2026
शशि थरूर
शशि थरूर (Photo-IANS)

लोकसभा का सेशन सोमवार को सुबह 11 बजे शुरू होने के बाद दो बार स्थगित हुआ। दोपहर 2 बजे जब लोकसभा का सेशन फिर से शुरू हुआ, तो विपक्षी सांसदों ने भारत-अमेरिका अंतरिम व्यापार फ्रेमवर्क पर चर्चा की मांग जारी रखी। जिसके बाद सदन को 10 फरवरी तक के लिए स्थगित कर दिया गया।

विपक्षी सांसदों का आरोप है कि सदन में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को बोलने नहीं दिया गया। सदन की कार्यवाही स्थगित होने के बाद कांग्रेस सांसद शशि थरूर बाहर निकले। जहां उन्होंने केंद्र सरकार को घेरा।

हालात बहुत अजीब हैं- थरूर

कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने कहा- हालात बहुत अजीब हैं। मुझे नहीं पता कि सरकार या स्पीकर चाहते हैं कि सदन में बजट पर बहस हो, क्योंकि इस सदन की 70 साल से ज्यादा पुरानी परंपरा है कि जब दो लोग बोलने के लिए कहते हैं, तो उन्हें हमेशा मौका दिया जाता है।

उन्होंने कहा कि एक विपक्ष के नेता होते हैं, दूसरे संसदीय कार्य मंत्री। अब हमारे पास लगातार दो पीठासीन अधिकारी ऐसे रहे हैं जिन्होंने विपक्ष के नेता को बोलने नहीं दिया, जबकि संसदीय कार्य मंत्री जब भी हाथ उठाते हैं, उन्हें बोलने का मौका दिया जाता है। यह सही नहीं है।

आप संसद के मकसद को ही कमजोर कर रहे- थरूर

राहुल गांधी ने कहा कि आप इस तरह सरकार का पक्ष नहीं ले सकते। यह सदन हम सबका है। विपक्ष के नेता जो भी कहना चाहते थे, मुझे यकीन है कि सरकार को सही समय पर जवाब देने का अधिकार है।

राहुल ने आगे कहा- कोई भी उन्हें जवाब देने से नहीं रोकेगा। लेकिन उन्हें अपनी चिंताएं और बातें रखने की इजाजत मिलनी चाहिए। लेकिन जब आप उन्हें बिल्कुल बोलने नहीं देते, तो आप असल में संसद के मकसद को ही कमजोर कर रहे हैं, जो चर्चा के लिए एक सदन है, यह विचार-विमर्श के लिए एक सदन है।

थरूर ने पीठासीन के बारे में क्या कहा है?

थरूर ने कहा- मुझे समझ नहीं आता कि ये पीठासीन अधिकारी किस निर्देश के साथ आए थे, लेकिन उन्होंने राहुल गांधी को बोलने ही नहीं दिया। इसके उलट, जब भी संसदीय कार्य मंत्री ने हाथ उठाया, उन्हें माइक ऑन करके पूरी बात कहने की इजाजत दी गई।

कांग्रेस सांसद ने कहा- जब मुझे बजट पर बोलने के लिए माइक दिया गया, तो मैंने कहा कि मैं विपक्ष के नेता को मौका देता हूं, उन्हें बोलने दें। फिर उन्होंने मेरा माइक और विपक्ष के नेता का माइक काट दिया। मुझे समझ नहीं आता कि सरकार और स्पीकर क्या चाहते हैं।

Updated on:
09 Feb 2026 03:29 pm
Published on:
09 Feb 2026 03:17 pm
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