लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने पत्रिका-की नोट कार्यक्रम में शिरकत की। इस दौरान ओम बिरला ने राजस्थान पत्रिका के संस्थापक कर्पूर चंद्र कुलिश की प्रशंसा की और उनके विचारों को युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत बताया।
Patrika Keynote Event: राजस्थान पत्रिका समूह के संस्थापक कर्पूर चंद्र कुलिश(Karpur Chandra Kulish) की जन्मशती वर्ष की शुरुआत 20 मार्च 2025 से हो गई है। इस खास अवसर पर जयपुर में पत्रिका-की नोट कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, राजस्थान के CM भजनलाल शर्मा, मध्य प्रदेश के CM मोहन यादव, सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जस्टिस अजय रस्तोगी समेत कई दिग्गज शामिल हुए।
कार्यक्रम के संबोधन में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कर्पूर चंद्र कुलिश को याद किया और उनके द्वारा समाज के लिए किए गए कार्यों की सराहना की। इस दौरान लोकसभा स्पीकर ने राजस्थान पत्रिका के प्रधान संपादक गुलाब कोठारी को कर्पूर चंद्र कुलिश के पदचिन्हों पर चलने और उनकी निर्भीक पत्रकारिका को दिशा देने वाला बताया।
पत्रिका-की नोट कार्यक्रम में लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने कहा कि राजस्थान पत्रिका अपने सिद्धातों पर अडिग है। पत्रिका समूह के संस्थापक कर्पूर चंद्र कुलिश ने समाज में रहकर समाज की सेवा की। उन्होंने निष्पक्षता से समाज के मुद्दे उठाए। उन्होंने पाठकों की भावनाएं लिखीं। कर्पूर चंद्र कुलिश दूरदर्शी सोच के थे। कर्पूर चंद्र कुलिश ने पाठकों के विचार, लोगों की समस्याएं, विकास से जुड़े मुद्दे, नवाचार, पाठकों की चिंता और चुनौतियां अपने संपादकीय में लिखने का प्रयास किया।
लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने पत्रिका समूह के संस्थापक कर्पूर चंद्र कुलिश की सराहना की। ओम बिरला ने कहा कि कर्पूर चंद्र कुलिश निर्भीक होकर अपनी कलम से पाठकों की चिंता, समाज की आवाज, दूरदर्शी विचार और समाज की चुनौतियां लिखते रहे। कुलिश जी, निर्भीक होकर अपनी बात लिखते थे, चाहे उनके विचार किसी को अच्छे लगें या न लगें। वह अपना निडर होकर अपना काम करते थे।
कुलिश जी के विचारों से आने वाली पीड़िया प्रेरणा लेंगी। आने वाले समय में नौजवानों को नए चिंतन, नई क्षमता और नवाचार के लिए कुलिश जी के विचार प्रेरणा देंगे। पत्रकार, चिंतक, युवा, समाजसेवी उनके विचारों से प्रेरित होंगे। कुलिश जी अपनी विराट सोच और निर्भीक पत्रकारिता से चिंतन, राजनीति, भारतीय भाषा, वेद-विज्ञान, दुरदर्शिता और जन सरोकार की भावना को अपनी कलम से लिखते रहे हैं। कर्पूर जी का व्यक्तित्व हमें प्रेरणा देता रहेगा। पत्रिका समूह के प्रधान संपादक गुलाब कोठारी रिटायर होने के बाद भी कुलिश जी की तरह आंख-कान खुले रखते है और अपनी कलम से धार दिखाते हैं।