आम आदमी पार्टी के सात राज्यसभा सांसदों के भाजपा में शामिल होने पर सियासत तेज हो गई है। कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने भाजपा पर तीखा हमला बोलते हुए ‘वॉशिंग मशीन’ राजनीति का आरोप लगाया, जबकि राज्यसभा में भाजपा की संख्या बढ़कर 113 हो गई है।
AAP 7 MP Join BJP: आम आदमी पार्टी के 7 सांसदों के बीजेपी में जाने के बाद राजनितिक बयानबाजी तेज है। AAP के सात राज्यसभा सांसदों के भाजपा में शामिल होने को लेकर अब कांग्रेस ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश ने इस पूरे घटनाक्रम पर सवाल उठाते हुए भाजपा पर सीधा निशाना साधा है। जयराम रमेश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए कहा कि यह फैसला चौंकाने वाला नहीं है। उनके मुताबिक, असली हैरानी इस बात की है कि इसे होने में इतना समय क्यों लगा। उन्होंने व्यंग्य करते हुए लिखा कि 'लोटस अब लूटस बन चुका है', यानी भाजपा का चुनाव चिह्न अब आरोपों के घेरे में है। उन्होंने यह भी कहा कि छोटे-छोटे 'एहसानों' के सहारे लोकतंत्र को प्रभावित किया जा रहा है। यह बयान सीधे तौर पर राजनीतिक लेन-देन की ओर इशारा करता है।
कांग्रेस नेता ने भाजपा पर दोहरा रवैया अपनाने का आरोप लगाया। उनका कहना है कि जिन सांसदों की ईमानदारी पर पहले सवाल उठाए जाते थे, आज वही भाजपा में शामिल होते ही 'स्वागत योग्य' बन गए हैं। जयराम रमेश ने यह भी दावा किया कि इनमें से कुछ नेताओं पर पहले प्रवर्तन निदेशालय (ED) की कार्रवाई चल रही थी, लेकिन अब संभव है कि वो सब ठंडे बस्ते में चला जाए। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि भाजपा की 'वॉशिंग मशीन' फिर से एक्टिव हो गई है।
इससे पहले भी कांग्रेस इसी तरह का आरोप लगाती रही है। उनका कहना है कि भाजपा में शामिल होते ही नेताओं के खिलाफ जांच एजेंसियों की कार्रवाई धीमी या बंद हो जाती है। जयराम रमेश ने इसे 'मोदी वॉशिंग पाउडर' तक कह दिया, यानी भाजपा में जाने के बाद सब साफ हो जाता है।
सोमवार को राज्यसभा के सभापति सी पी राधाकृष्णन ने आधिकारिक तौर पर इन सात सांसदों को भाजपा का सदस्य मानने की मंजूरी दे दी। इसके बाद उच्च सदन में आम आदमी पार्टी की ताकत घटकर 10 से सिर्फ 3 रह गई है। दूसरी तरफ, भाजपा की संख्या बढ़कर 113 हो गई है, जो उसके लिए एक बड़ा राजनीतिक फायदा माना जा रहा है। जो सांसद आम आदमी पार्टी छोड़कर भाजपा में शामिल हुए हैं, उनमें राघव चड्ढा, अशोक मित्तल, हरभजन सिंह, संदीप पाठक, विक्रमजीत साहनी, स्वाति मालीवाल और राजिंदर गुप्ता शामिल हैं।