
LPG Price Hike : घरेलू एलपीजी सिलेंडर महंगा होने पर कांग्रेस ने केंद्र की मोदी सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने भाजपा नेतृत्व वाली सरकार पर तीखा हमला करते हुए कहा कि इस बेलगाम महंगाई की सबसे बड़ी शिकार देश की आम जनता हो रही है। उन्होंने आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि सिर्फ पिछले चार महीनों के अंदर रसोई गैस के दामों में 89 रुपये का इजाफा हो चुका है, जिसने आम आदमी की कमर तोड़ कर रख दी है।
खरगे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर एक पोस्ट के जरिए पुराना दौर याद दिलाते हुए कहा कि यूपीए सरकार के समय यही भाजपा नेता महंगाई के विरोध में सड़कों पर उतर आते थे। उन्होंने सवाल उठाया कि बीते 12 बरसों में मोदी सरकार ने घरेलू एलपीजी की कीमतों में कुल 530 रुपये की भारी बढ़ोतरी की है, तो फिर आज भाजपा के नेता गैस सिलेंडर लेकर सड़कों पर प्रदर्शन क्यों नहीं कर रहे हैं? बढ़ती कीमतें आज आम लोगों की रसोई का बजट बिगाड़ रही हैं।
कांग्रेस अध्यक्ष ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को घेरते हुए पूछा कि संसद में पश्चिम एशिया युद्ध के दौरान जो 41 देशों से ईंधन फ्यूल डाइवर्सिफिकेशन के बड़े-बड़े दावे किए गए थे, उनका क्या हुआ? उन्होंने ग्रामीण इलाकों में एलपीजी की किल्लत का मुद्दा उठाते हुए कहा कि साल 2025-26 में उज्ज्वला योजना के तहत आने वाले 5.56 करोड़ परिवारों को एक बार भी सिलेंडर रिफिल नसीब नहीं हुआ। वहीं, 3.30 करोड़ परिवारों ने तो एक बार भी सिलेंडर दुबारा नहीं भरवाया। खरगे ने तंज कसते हुए पूछा कि पश्चिम एशिया संकट से पहले का यह संकट क्या मोदी सरकार की सीधी लूट नहीं है?
घरेलू एलपीजी सिलेंडर के दामों में रविवार को ही 29 रुपये की एक और बढ़ोतरी दर्ज की गई। इस ताजा बढ़ोतरी के बाद देश की राजधानी दिल्ली में 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू सिलेंडर की कीमत 913 रुपये से उछल कर सीधे 942 रुपये पर पहुंच गई है।
दूसरी तरफ, विपक्ष के इन हमलों के बीच पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने रविवार को सरकार का रुख साफ किया। मंत्रालय की ओर से जारी एक आधिकारिक विज्ञप्ति में दावा किया गया कि भारत में खाना पकाने की गैस पड़ोसी मुल्कों की तुलना में आज भी काफी सस्ती है। इतना ही नहीं, अमेरिका, कनाडा और ऑस्ट्रेलिया जैसे विकसित देशों के मुकाबले भी भारतीय उपभोक्ताओं को कम कीमत चुकानी पड़ रही है।
मंत्रालय के अनुसार, बाजार में आपूर्ति की लागत बढ़कर 1,600 रुपये से अधिक हो चुकी है, इसके बावजूद दिल्ली में आम उपभोक्ता को यह 942 रुपये में मिल रहा है, जबकि 'प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना' के लाभार्थियों को सब्सिडी के बाद यह सिलेंडर प्रभावी रूप से सिर्फ 642 रुपये का पड़ रहा है।
दिल्ली हरकेशनगर के गैस उपभोक्ता शिवकुमार ने संपर्क करने पर कहा कि गैस महंगी होने से गरीबों पर बहुत अत्याचार हो रहा है। मजदूरों की जान पर बन आई है। गैस स्लैब वेतन आधारित गैस सिलेंडर की रेट होना चाहिए। दिल्ली ओखला के अकील अहमद ने संपर्क करने पर कहा कि सरकार गरीब जनता का ध्यान नहीं रख रही है, पहले सब्सिडी मिल रही थी, वह भी खत्म हो गई। किसी की गैस लेने की क्षमता है,किसी की तनख्वाह इतनी नहीं है। ( इनपुट : ANI)