राष्ट्रीय

राहत की खबर: होर्मुज स्ट्रेट पार कर भारत की ओर बढ़ा LPG टैंकर, 15 मई तक पहुंचने की उम्मीद

LPG Tanker India: पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच भारत के लिए राहत की खबर है। एलपीजी से लदा एमवी सनशाइन टैंकर होर्मुज स्ट्रेट पार कर भारत की ओर बढ़ गया है और 15 मई तक इसके पहुंचने की उम्मीद है।

2 min read
May 14, 2026
LPG Tanker Crosses Strait of Hormuz for India (AI Image)

Indian LPG Tanker Cross Strait of Hormuz: पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच भारत के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। होर्मुज स्ट्रेट के बंद होने की वजह से लंबे समय से फंसा एलपीजी से लदा एक टैंकर आखिरकार इस अहम समुद्री मार्ग को पार कर भारत की ओर बढ़ गया है। जानकारी के मुताबिक यह टैंकर 15 मई तक भारत पहुंच सकता है। युद्ध शुरू होने के बाद यह 15वां जहाज है जो होर्मुज स्ट्रेट पार कर भारत के लिए रवाना हुआ है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में एक और जहाज भी इस रास्ते से होकर भारत पहुंच सकता है।

ये भी पढ़ें

पश्चिम एशिया में शांति के लिए भारत की पहल का स्वागत करेगा ईरान, BRICS की साझा घोषणा पर इस देश ने लगाया अड़ंगा

भारत पहुंचने वाला 15वां जहाज

एलपीजी टैंकर एमवी सनशाइन के होर्मुज स्ट्रेट पार करने को भारत के लिए अहम माना जा रहा है। पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष और समुद्री सुरक्षा संकट के कारण इस क्षेत्र से गुजरने वाले जहाजों की आवाजाही प्रभावित हुई थी। ऐसे में भारत के लिए ऊर्जा आपूर्ति बनाए रखना बड़ी चुनौती बन गया था।

सूत्रों के अनुसार, यह जहाज सुरक्षित तरीके से होर्मुज स्ट्रेट पार कर चुका है और अब भारतीय तट की ओर बढ़ रहा है। माना जा रहा है कि 15 मई तक इसके भारत पहुंचने की संभावना है। इसके अलावा एक और एलपीजी टैंकर भी जल्द इस समुद्री मार्ग को पार कर सकता है।

ईरान की मिसाइल लॉन्च साइटें अब भी सुरक्षित

इस बीच अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि ईरान पर 13 हजार से ज्यादा हमले किए जाने के बावजूद उसकी ज्यादातर मिसाइल लॉन्च साइटें अब भी सुरक्षित हैं। रिपोर्ट के मुताबिक युद्धविराम के दौरान ईरान ने कई मिसाइल साइटों को फिर से सक्रिय और दुरुस्त कर लिया है।

बताया जा रहा है कि होर्मुज स्ट्रेट के आसपास करीब 30 मिसाइल साइटें मौजूद हैं। वहीं तेहरान के पास अपने मोबाइल लॉन्चरों का लगभग 70 प्रतिशत भंडार अब भी सुरक्षित है। इस वजह से क्षेत्र में तनाव पूरी तरह खत्म नहीं माना जा रहा है।

सऊदी अरब को लेकर भी बड़ा दावा

यूरोपीय मीडिया रिपोर्ट्स में यह भी दावा किया गया है कि यूएई के अलावा सऊदी अरब ने भी ईरान के खिलाफ कई बार जवाबी हवाई हमले किए थे। रिपोर्ट्स के अनुसार ये हमले मार्च के आखिर में किए गए थे। यह पहली बार है जब किसी रिपोर्ट में सऊदी अरब के सीधे तौर पर ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई में शामिल होने का दावा किया गया है। हालांकि इस मामले में अब तक कोई आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है।

वैश्विक बाजार पर बनी हुई है नजर

पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष का असर केवल क्षेत्रीय सुरक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका प्रभाव वैश्विक ऊर्जा बाजार और समुद्री व्यापार पर भी पड़ रहा है। भारत समेत कई देश लगातार हालात पर नजर बनाए हुए हैं। खासतौर पर होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले तेल और गैस टैंकरों की सुरक्षा को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता बनी हुई है।

ये भी पढ़ें

एलन मस्क-टिम कुक सहित 16 अमेरिकी CEOs को चीन क्यों लेकर गए ट्रंप ? शी जिनपिंग से क्या होने वाली है डील ?
Also Read
View All