राष्ट्रीय

जंग के बीच भारतवासियों के लिए राहत भरी खबर, बाहर से आ गई LPG की एक और खेप

LPG से लदा जहाज 'अपोलो ओशन' गुरुवार को कर्नाटक के न्यू मैंगलोर बंदरगाह पर पहुंच गया। पश्चिम एशिया में संघर्ष के कारण भारत में LPG की कमी की चिंता बढ़ रही थी, लेकिन नई खेप के आने से आम लोगों को राहत मिली है।
2 min read
Mar 26, 2026
strategic Hormuz Strait, highlighting Iran's control, major shipping lanes, and global oil transit routes during the Iran-US ceasefire.
होर्मुज स्ट्रेट से गुजरता जहाज। (फोटो- IANS)

ईरान युद्ध के बीच भारतवासियों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। LPG से भरा जहाज 'अपोलो ओशन' गुरुवार को कर्नाटक के न्यू मैंगलोर बंदरगाह पर पहुंचा।

बता दें कि पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के कारण भारत में एलपीजी को लेकर चिंताएं उभर रही थीं। हालांकि, एलपीजी की नई खेप आने से लोग थोड़ी राहत की सांस लेंगे।

वियतनाम के जहाज से आया एलपीजी

जिस जहाज से एलपीजी को भारत में लाया गया है, उस पर वियतनाम का झंडा था। यह टैंकर सीधे न्यू मैंगलोर बंदरगाह पर आकर रुका।

इस महीने की शुरुआत में दो जहाज 'शिवालिक' और 'MT नंदा देवी' लगभग 92,712 मीट्रिक टन एलपीजी लेकर भारत आए थे।

अब भारत की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए एलपीजी की एक और खेप का आना बड़ा कदम है। इस बीच, एक और राहत भरी खबर सामने आई है।

दरअसल, दो और भारतीय LPG जहाज 'जग वसंत' और 'पाइन गैस' ने होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) को सफलतापूर्वक पार कर लिया है। वह भी जल्द भारत पहुंच जाएंगे।

इन जहाजों में कितना एलपीजी?

इन जहाजों में 92,612।59 मीट्रिक टन एलपीजी का भारी-भरकम माल लदा हुआ है। जब 'पाइन गैस' LPG जहाज इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग से गुजर रहा था, तब उसकी तस्वीरें सामने आईं।

एक जहाज में 33 और दूसरे जहाज में 27 भारतीय नाविक सवार हैं, जो इस क्षेत्र से गुजरने की पूरी प्रक्रिया को संभाल रहे हैं। इस समुद्री मार्ग को सफलतापूर्वक पार करने के बाद, अब ये जहाज भारत की ओर बढ़ रहे हैं, ताकि देश में ऊर्जा की आपूर्ति को और मज़बूत किया जा सके।

कब तक भारत पहुंचेंगे दोनों जहाज

इन LPG जहाजों के 26 मार्च से 28 मार्च के बीच भारत के बंदरगाहों पर पहुंचने की संभावना है। इसके साथ ही, खाड़ी क्षेत्र से शुरू हुई इनकी यात्रा पूरी हो जाएगी।

पेट्रोलियम मंत्रालय ने गुरुवार को यह स्पष्ट किया कि भारत की ऊर्जा आपूर्ति पूरी तरह से सुरक्षित और स्थिर है। मंत्रालय ने आगे कहा कि देश में कहीं भी पेट्रोल, डीजल या LPG की कोई कमी नहीं है।

मंत्रालय ने कहा कि नागरिकों को सलाह दी जाती है कि वे केवल आधिकारिक स्रोतों पर ही भरोसा करें और किसी भी तरह की अफवाहें न फैलाएं। सरकार हर नागरिक तक बिना किसी रुकावट के ऊर्जा पहुंचाने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है।