
Luthra Brothers Deportation: गोवा नाइटक्लब अग्निकांड के आरोपी लूथरा ब्रदर्स को मंगलवार को 10 दिन बाद थाईलैंड से भारत लाया गया। दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पहले से मौजूद गोवा पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। सौरभ लूथरा और गौरव लूथरा गोवा में ‘बर्च बाय रोमियो लेन’ नाइट क्लब के मालिक हैं। 6 दिसंबर को नाइटक्लब में भीषण आग लगने से 25 लोगों की मौत हो गई थी। घटना के कुछ ही घंटों बाद दोनों भाई थाईलैंड भाग गए थे। इसके बाद उनके खिलाफ इंटरपोल ब्लू कॉर्नर नोटिस जारी किया गया। इसके बाद 11 दिसंबर को इन्हें फुकेट से गिरफ्तार किया गया था। अग्निकांड मामले में पांच मैनेजर और स्टाफ सदस्यों को गिरफ्तार किया जा चुका है। पिछले हफ्ते दिल्ली हाईकोर्ट ने लूथरा बंधुओं की गिरफ्तारी को लेकर अंतरिम राहत देने से इनकार कर दिया था।
अग्निकांड की जांच में क्लब प्रबंधन में गंभीर खामियां पाई गई थी। जांचकर्ताओं ने बताया कि नाइटक्लब की बनावट गलत थी और आग पर काबू पाने के कोई इंतजाम भी नहीं थे। नाइट क्लब लेक के पीछे है और यहां से निकलने का दरवाजा काफी संकरा है, जो एक संकरे पुल से जुड़ा है। इसी कारण क्लब में आग लगने के बाद लोगों को निकलने में मुश्किल हुई।
दोनों भाइयों को पटियाला हाउस कोर्ट में पेश किया जाना है। इसके बाद गोवा पुलिस कोर्ट से उनकी ट्रांजिट रिमांड मांगेगी, ताकि उन्हें दिल्ली से गोवा ले जाया जा सके। गोवा में इन्हें अंजुना पुलिस स्टेशन ले जाया जाएगा, जहां पुलिस अग्निकांड और हादसे के 90 मिनट के भीतर देश छोडऩे के बारे में उनसे पूछताछ करेगी। बीएनएस की धारा 105 (गैर इरादतन हत्या) के तहत अधिकतम 10 साल की सजा या उम्रकैद हो सकती है।