
MP Rajya Sabha Elections: भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने मध्य प्रदेश की राज्यसभा की तीसरी सीट पर मछुआ कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष महेश केवट को उम्मीदवार बनाकर राजनीतिक हलचल मचा दी है। बुंदेलखंड के ओरछा (निवाड़ी जिला) से आने वाले महेश केवट छात्र राजनीति से शुरू करके संगठन के साधारण कार्यकर्ता से उच्च पद तक पहुंचने की मिसाल बन गए हैं।
BJP के इस फैसले को सामाजिक संतुलन, पिछड़े वर्गों खासकर मछुआ/केवट समुदाय को मजबूत करने और ग्रासरूट कार्यकर्ताओं को प्रोत्साहन देने की रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है। ओरछा के हर्डौल का बैठक (हर्दौल का महल) के मुख्य पुजारी परिवार से जुड़े महेश केवट की (मछुआ समुदाय) में गहरी पकड़ है। यह समुदाय बुंदेलखंड और मध्य प्रदेश के कई इलाकों में प्रभावशाली है।
महेश केवट की राजनीतिक सफर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से जुड़ी हुई है। बचपन से ही वे स्वयंसेवक रहे, ABVP के जरिए छात्र राजनीति में सक्रिय हुए और फिर BJP युवा मोर्चा व पार्टी संगठन में विभिन्न जिम्मेदारियां संभालीं। उन्होंने टिकमगढ़ जिले में पार्टी के जिला उपाध्यक्ष और जिला मंत्री जैसे पदों पर काम किया है। उनकी संघ पृष्ठभूमि और निष्ठा उन्हें पार्टी के अंदर एक समर्पित कार्यकर्ता के रूप में स्थापित करती है।
केवट का नाम पहले नगरीय निकाय चुनाव के दौरान चर्चा में रहा था, जब उन पर BJP के आधिकारिक उम्मीदवार के खिलाफ प्रचार का आरोप लगा और उन्हें पार्टी से 6 साल के लिए निष्कासित कर दिया गया था। हालांकि, बाद में उन्होंने संगठन के साथ काम जारी रखा और पार्टी नेतृत्व का विश्वास फिर हासिल कर लिया। अप्रैल 2026 में उन्हें मध्य प्रदेश मछुआ कल्याण एवं मत्स्य विकास बोर्ड का अध्यक्ष बनाया गया, जो उनके सामाजिक कार्य और समुदाय में प्रभाव को दिखाता है।
BJP की इस पसंद के पीछे कई रणनीतिक कारण माने जा रहे हैं-
नामांकन दाखिल करते समय महेश केवट ने भावुक होकर कहा कि एक सामान्य कार्यकर्ता को इतनी बड़ी जिम्मेदारी मिलना गर्व की बात है। वे पूरी निष्ठा से काम करेंगे। CM डॉ. मोहन यादव और अन्य नेताओं की मौजूदगी में नामांकन हुआ, जहां BJP ने तीनों सीटों पर जीत का संकल्प जताया। 18 जून को मतदान है और इस मुकाबले पर पूरे प्रदेश की नजरें टिकी हुई हैं।