राष्ट्रीय

Mahakumbh 2025: आस्था के सामने तकलीफ भूले लोग, बोले- चले आओ, तीन पीढ़ी बाद फिर मिलेगा ऐसा सौभाग्य

Mahakumbh 2025: श्रद्धालुओं को अब संगम की बजाय अन्य घाट पर नहाने के लिए भेजा जा रहा है। हादसे के बाद श्रद्धालु भी जिद नहीं कर रहे है।

2 min read
Jan 31, 2025
Maha Kumbh 2025

MahaKumbh 2025: महाकुंभ के सेक्टर-18 में बीकानेर (राजस्थान) से आए श्रद्धालु को एक कॉल आया। वह हालात जानना चाह रहा था कि अब क्या हालात हैं? जवाब में उसने बताया कि मौनी अमावस्या पर एक जगह घटना हुई, शेष सब ठीक है। उधर से सवाल हुआ कि पैदल ज्यादा चलना पड़ेगा? त्रिवेणी संगम से अमृत स्नान कर लौट रहे इस व्यक्ति का जवाब था, तीन पीढ़ी बाद नंबर आएगा अब..144 साल बाद। पिछली तीन पीढ़ी में किसी ने महाकुंभ में स्नान नहीं किया है, आ जाओ.. कुछ पैदल चल लिए तो कौन-से जीवनभर के छाले पड़ जाएंगे।

पुल के खुले रास्ते

प्रयागराज में गुरुवार को घनी धुंध थी। बुधवार की रात रास्ते न खुलने की परेशानी लेकर सोए लोगों को सुबह उठते ही पुल के सारे रास्ते खोल दिए जाने की खुशखबर मिली। मौनी अमावस्या का स्नान कर लौटने वाले लोगों ने जैसे ही पुल से आना-जाना हुआ, वे बुधवार की परेशानी भूल गए। देवलियाली मठ (राजस्थान) के महंत जगदीशपुरी सेक्टर-18 में है। वह बताते है कि बीते चार दिन में अखाड़ों में कदम रखने को जगह नहीं थी। लोगों को बाहर सोना पड़ा। कई लोगों ने यहां तक इल्तिजा की कि हमें केवल बैठने को जगह दे दें। गुरुवार को मौनी अमावस्या को उमड़े लोग रवाना हो गए है। अब नए श्रद्धालु आएंगे। संख्या इतनी ज्यादा नहीं होगी।

संगम तक कम, गंगा घाट पर ज्यादा भीड़ 

श्रद्धालुओं को अब संगम की बजाय अन्य घाट पर नहाने के लिए भेजा जा रहा है। हादसे के बाद श्रद्धालु भी जिद नहीं कर रहे है। वे बेरिकेटिंग पर रोके जाने पर आगे बढ़ते हुए गंगा के घाट पर नहा रहे है। वहां पूजाकर्म के लिए भीड़ उमड़ी हुई है। मेले में अखाड़ों में इंतजाम में रहे सियारामदास बाबा कहते है कि बसंत पंचमी के बाद सर्दी कम होगी। शिवरात्रि तक मेले में बड़े बुजुर्ग ज्यादा आएंगे। परिवार के सदस्य उनको लेकर आएंगे तब अलग दृश्य होगा।

50 कोस में मेला..नहीं तो कैसे संभालते 

कानपुर के मनीष बताते है कि मेला पहले 10 कोस में लग रहा था। इस बार 50 कोस में फैला है। इसी कारण 7-8 करोड़ लोगों को संभाल लिया गया, वरना दस कोस में तो इतने लोग समाते ही नहीं। इतनी संख्या का अनुमान तो हमें भी नहीं था।

Published on:
31 Jan 2025 07:13 am
Also Read
View All

अगली खबर