
Maharashtra bike taxi: महाराष्ट्र सरकार ने रैपिडो, ओला और उबर जैसी कंपनियों के तहत चलने वाली बाइक टैक्सियों को लेकर बड़ा फैसला लिया है। मंत्री प्रताप सरनाईक ने बताया कि अभी महाराष्ट्र की सड़कों पर लगभग 4 लाख से 4.5 लाख बाइक टैक्सियां धड़ल्ले से चल रही हैं और यह पूरी तरह से गैर-कानूनी कारोबार है। इस पर रोक लगाने के लिए सरकार 1 अगस्त 2026 से इन गैर-कानूनी बाइक टैक्सी ऑपरेटरों से रोजाना फीस और वेलफेयर फंड में योगदान लेगी।
सरनाईक ने बताया कि इस मामले में एक विस्तृत प्रस्ताव तैयार करके राज्य के विधि एवं न्याय विभाग को भेज दिया गया है। जैसे ही हमें वहां से मंजूरी मिल जाती है, इस फैसले को 1 अगस्त से पूरे राज्य में लागू कर दिया जाएगा।
महाराष्ट्र सरकार 1 अगस्त 2026 से ऐप-आधारित बाइक टैक्सी सेवाओं के लिए नई नीति लागू करने जा रही है। इसके तहत राज्य में बिना परमिट संचालित हो रही करीब 4 से 4.5 लाख बाइक टैक्सियों को कानूनी दायरे में लाया जाएगा। नई व्यवस्था के तहत केवल महाराष्ट्र के डोमिसाइल प्रमाणपत्र रखने वाले युवाओं को ही बाइक टैक्सी परमिट मिलेगा। सरकार का दावा है कि इससे स्थानीय युवाओं को रोजगार मिलेगा और राज्य के राजस्व में भी बढ़ोतरी होगी।
महाराष्ट्र विधानसभा में परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक पहले ही बता चुके हैं कि फिलहाल राज्य में बड़ी संख्या में ऐप-आधारित बाइक टैक्सियां बिना वैध परमिट के चल रही हैं। ऐसे वाहनों से सरकार को कोई टैक्स नहीं मिल रहा है। इसी वजह से नई नीति तैयार की गई है, जिसके जरिए इन सेवाओं को नियामक ढांचे के भीतर लाया जाएगा।
नई नीति के अनुसार बाइक टैक्सी का परमिट केवल उन युवाओं को मिलेगा, जिनके पास महाराष्ट्र का डोमिसाइल सर्टिफिकेट होगा। इसके अलावा आवेदक के पास वैध ड्राइविंग लाइसेंस, आवश्यक बैज और सरकार द्वारा निर्धारित अन्य जरुरी योग्यता भी होना जरूरी होगा। सरकार का कहना है कि इस फैसले से राज्य के स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
प्रताप सरनाईक ने बताया कि सरकार ने पहले रैपिडो, ओला और उबर जैसी कंपनियों को केवल इलेक्ट्रिक बाइक के जरिए यात्रियों को सेवा देने की अनुमति दी थी। लेकिन बाद में इन कंपनियों ने बड़ी संख्या में पेट्रोल से चलने वाली बाइक भी सेवा में शामिल कर दीं। उन्होंने कहा कि इसके बाद परिवहन विभाग ने इनके खिलाफ कार्रवाई शुरू की। हालांकि, ये कंपनियां देशभर में एक साथ वाले प्लेटफॉर्म पर काम करती हैं, जिससे तकनीकी चुनौतियां सामने आईं, फिर भी विभाग लगातार कार्रवाई करता रहा।
नई नीति के तहत प्रत्येक बाइक टैक्सी चालक से प्रतिदिन 5 रुपये का शुल्क लिया जाएगा। इसके अलावा हर राइड के किराए का 2 प्रतिशत हिस्सा सरकार को शुल्क के रूप में देना होगा। सरकार का मानना है कि इससे राज्य के राजस्व में बढ़ोतरी होगी।
परिवहन विभाग के अनुसार अप्रैल 2025 से मार्च 2026 के बीच अवैध रूप से संचालित बाइक टैक्सियों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए करीब 16 लाख रुपये का जुर्माना वसूला गया। वहीं अप्रैल और मई 2026 के दो महीनों में 2.3 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया। पिछले 15 महीनों के दौरान 1,000 वाहन अवैध रूप से यात्रियों को ले जाते हुए पकड़े गए, लेकिन केवल 14 चालकों के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज किए गए।