
महाराष्ट्र में जल्द लागू होगा समान नागरिक संहिता, फोटो- IANS
Uniform Civil Code Maharashtra:महाराष्ट्र में समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करने की दिशा में राज्य सरकार ने कदम तेजी से आगे बढ़ा दिए हैं। सरकार ने सभी नागरिकों के लिए विवाह, तलाक, विरासत और उत्तराधिकार जैसे व्यक्तिगत मामलों में एक समान कानून का मसौदा (ड्राफ्ट) तैयार करने के लिए सात सदस्यीय समिति का गठन किया है। सुप्रीम कोर्ट की सेवानिवृत्त न्यायाधीश रंजना प्रकाश देसाई को इस उच्च स्तरीय समिति का अध्यक्ष बनाया गया है।
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बुधवार को राज्य विधानसभा में इस फैसले की जानकारी देते हुए बताया कि यह पैनल छह महीने के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि 'समिति की सिफारिशों के आधार पर सरकार आगामी शीतकालीन सत्र के दौरान राज्य विधानमंडल में समान नागरिक संहिता (UCC) से संबंधित एक विधेयक पेश करने की योजना बना रही है'।
समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करने की दिशा में महाराष्ट्र अब अगला बड़ा भाजपा शासित राज्य बन गया है। राज्य सरकार ने जस्टिस (रिटायर्ड) रंजना देसाई की अध्यक्षता में यूसीसी का मसौदा तैयार करने के लिए समिति गठित की है। इससे पहले उत्तराखंड फरवरी 2024 में यूसीसी लागू करने वाला देश का पहला राज्य बना था, जबकि राजस्थान, गुजरात और असम भी इस दिशा में कदम उठा चुके हैं। वहीं, मध्य प्रदेश सरकार भी यूसीसी का ड्राफ्ट तैयार कर रही है और इसी महीने विधानसभा में विधेयक पेश करने की तैयारी में है। इन सभी राज्यों में आदिवासी समुदायों को यूसीसी के व्यक्तिगत कानूनों के दायरे से बाहर रखा गया है।
भारतीय संविधान का अनुच्छेद 44 (Article 44), जो राज्य के नीति निदेशक सिद्धांतों के अंतर्गत आता है, पूरे देश में समान नागरिक संहिता लागू करने की वकालत करता है। हालांकि, आजादी के बाद से देश में व्यक्तिगत मामले अलग-अलग धर्मों के पर्सनल लॉ (नागरिक संहिताओं) के आधार पर ही संचालित होते रहे हैं। अखिल भारतीय स्तर पर यूसीसी (UCC) लागू करना भाजपा के तीन प्रमुख वैचारिक वादों में से तीसरा बड़ा एजेंडा है। इससे पहले, अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण और संविधान के अनुच्छेद 370 के तहत जम्मू-कश्मीर का विशेष दर्जा समाप्त करने जैसे दो बड़े वैचारिक लक्ष्य केंद्र में भाजपा सरकार आने के बाद पहले ही पूरे किए जा चुके हैं।
मुख्यमंत्री फडणवीस के अनुसार, इस सात सदस्यीय समिति में कानूनी और प्रशासनिक क्षेत्र के दिग्गज शामिल किए गए हैं:
यह नवगठित समिति महाराष्ट्र में समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करने के कानूनी, प्रशासनिक और सामाजिक पहलुओं का बारीकी से अध्ययन करेगी और उसी के आधार पर सरकार को अपनी अंतिम सिफारिशें सौंपेगी।
Updated on:
09 Jul 2026 04:16 pm
Published on:
09 Jul 2026 04:16 pm
