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डेडलाइन के आखिरी दिन नक्सलवाद पर बड़ा प्रहार, 51 हार्डकोर नक्सलियों का सरेंडर, 14 करोड़ की रिकॉर्ड बरामदगी

बीजापुर, दंतेवाड़ा, सुकमा और कांकेर में सुरक्षाबलों को बड़ी सफलता मिली। 51 हार्डकोर नक्सलियों ने सरेंडर किया, जिन पर करोड़ों का इनाम था। 14.06 करोड़ रुपये नकद और सोना बरामद हुआ। अत्याधुनिक हथियार भी जब्त किए गए, जिससे नक्सलवाद पर बड़ा प्रहार माना जा रहा है।
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Apr 01, 2026
Naxalism
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नक्सलवाद के खात्मे की 'डेडलाइन' के अंतिम दिन सुरक्षाबलों को बड़ी कामयाबी मिली। मंगलवार को बीजापुर, दंतेवाड़ा, सुकमा और कांकेर जिलों में कुल 42 हार्डकोर नक्सलियों तथा बीजापुर से जुड़े महाराष्ट्र जिले के गढ़चिरौली में सक्रिय 9 खूंखार नक्सलियों ने सरेंडर किया। सुरक्षाबलों ने यहां से 14.06 करोड़ रुपए के सोने व कैश की रिकॉर्ड बरामदगी की है। अंतिम दिन बीजापुर में 25 हार्डकोर नक्सलियों (12 महिलाओं सहित) ने हथियार डाले। इन पर कुल 1.47 करोड़ रुपए का इनाम था। सुरक्षाबलों ने यहां से 2.90 करोड़ नगद और 11.16 करोड़ मूल्य का 7.20 किलोग्राम सोना जब्त किया। यह अब तक की सबसे बड़ी रिकवरी है। जब्त हथियारों में 93 अत्याधुनिक हथियार (एके-47, एलएमजी, एसएलआर) शामिल हैं। सरेंडर करने वालों में मंगल कोरसा उर्फ मोटू (कमांडर) और शंकर मुचाकी (डीवीसीएम) जैसे बड़े नाम शामिल हैं। नारायणपुर में 1 लाख के इनामी नक्सली बिजलू मण्डावी ने आत्मसमर्पण किया।

इतने नक्सलियों ने किया आत्मसमर्पण


दंतेवाड़ा में 5 सक्रिय नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया। इन पर 9 लाख का इनाम था। इनके पास से 40 घातक हथियार बरामद हुए हैं। सुकमा में सुरक्षाबलों ने नक्सलियों के गुप्त डंप से 10 लाख नगद और ऑटोमैटिक हथियारों का जखीरा बरामद किया। यहां 8-8 लाख की इनामी दो महिला कमांडरों जनिला उर्फ मड़कम हिंडमे और सोनी उर्फ माड़वी कोसी ने सरेंडर किया। कांकेर में 2 और नक्सलियों, पीपीसीएम शंकर और हिडमा डोडी ने एके-47 के साथ समर्पण किया।

गढ़चिरौली : 9 माओवादियों का सरेंडर


नक्सलवाद मुक्त बस्तर अभियान के तहत जिले में 9 माओवादियों ने आत्मसमर्पण कर दिया, जिन पर कुल 30 लाख रुपए का इनाम घोषित था। सरेंडर करने वालों में तीन एरिया कमेटी मेंबर शामिल हैं। सभी नक्सली बीजापुर क्षेत्र से जुड़े बताए जा रहे हैं और गढ़चिरौली डिवीजन-10 में सक्रिय थे।

डीजीसीए में कई बड़े बदलाव


केंद्र सरकार ने नागर विमानन महानिदेशक (डीजीसीए) पद पर बड़ा प्रशासनिक बदलाव किया है। ओडिशा कैडर के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी वीर विक्रम यादव को नया डीजीसीए नियुक्त किया गया है, जबकि वर्तमान डीजीसीए फैज किदवई को उनके पद से हटाकर कार्मिक विभाग में अतिरिक्त सचिव बनाया गया है। यह निर्णय प्रधानमंत्री Narendra Modi की अध्यक्षता में कैबिनेट की नियुक्ति समिति (सीसीए) द्वारा लिया गया। यह फेरबदल ऐसे समय में किया गया है जब देश में विमानन सुरक्षा को लेकर सवाल उठ रहे हैं और यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता बन गई है। सरकार का यह कदम संकेत देता है कि वह विमानन क्षेत्र में जवाबदेही और सुधार को लेकर गंभीर है।

Updated on:
01 Apr 2026 05:49 am
Published on:
01 Apr 2026 05:49 am