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Kishau Dam: अमित शाह की बैठक में बड़ा फैसला, किशाऊ बांध का रास्ता साफ, राजस्थान को होगा लाभ

Kishau Dam Project: किशाऊ बहुउद्देशीय बांध परियोजना पर राज्यों के बीच सहमति बनने के बाद राजस्थान को यमुना बेसिन का अतिरिक्त पानी मिलने का रास्ता साफ हो गया है। टोंस नदी पर बनने वाला यह बांध सिंचाई, पेयजल और 660 मेगावाट जलविद्युत उत्पादन में अहम भूमिका निभाएगा।

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Jun 17, 2026
Kishau Dam project
Kishau Dam: किशाऊ बांध(फोटो-X/@AmitShah)

Kishau Dam News: यमुना नदी के ऊपरी बेसिन के पानी के राजस्थान पहुंचने की राह में मंगलवार को एक महत्वपूर्ण फैसला हुआ है। केन्द्रीय गृहमंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में यहां हुई बैठक में वर्षों से लंबित 'किशाऊ बहु-उद्देशीय बांध परियोजना' पर एमओयू के लिए हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, हरियाणा और राजस्थान में सहमति बन गई है। एमओयू होने के बाद किशाऊ परियोजना को अनुमोदन के लिए केन्द्रीय मंत्रिमंडल के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा। बैठक में केन्द्रीय विद्युत मंत्री मनोहर लाल, केन्द्रीय जल शक्ति मंत्री सी आर पाटिल, हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, केन्द्रीय गृह सचिव, केन्द्रीय जल शक्ति सचिव, विद्युत मंत्रालय के सचिव और हिमाचल एवं उत्तराखंड सरकारों के मुख्य सचिव, एवं गृह मंत्रालय, प्रधान मंत्री कार्यालय और जल शक्ति मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।

हिमाचल के हिस्से की राशि देंगे दिल्ली- राजस्थान


किशाऊ बहु-उद्देशीय बांध परियोजना के संबंध में जल घटक के कार्य का 90% केन्द्रीय सहायता के रूप में केंद्र सरकार और शेष 10% राशि का वित्तीय भार 06 राज्य वहन करेंगे। गौरतलब है कि हिमाचल अपने हिस्से के दस फीसदी अंशदान नहीं देने पर अड़ा था। उसका कहना था कि पानी से निचले राज्यों को फायदा होगा तो वही इसका खर्च उठाएं। अब हिमाचल प्रदेश के विद्युत् घटक के हिस्से की लागत को साझा करने के एवज में हिमाचल प्रदेश के लिए आवंटित पानी को दिल्ली और राजस्थान को देने पर सहमति बन गई है। गौरतलब है कि राजस्थान ने पिछले साल दिसंबर में ही यह अतिरिक्त अंशदान की राशि देने पर सहमति जता दी थी।

राजस्थान को मिलेगा 10 फीसदी पानी


ऊपरी यमुना बेसिन में यमुना और उसकी सहायक नदियों गिरी पर रेणुकाजी, यमुना पर लखवार और टोंस पर किशाऊ बांध बनने से हरियाणा, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, दिल्ली को पानी और बिजली की आपूर्ति हो सकेगी। राजस्थान को इन परियोजनाओं से करीब दस फीसदी पानी मिलेगा।

टोंस नदी पर बनेगा बांध


एशिया का दूसरा सबसे बड़ा बांध प्रोजेक्ट किशाऊ बांध प्रोजेक्ट उत्तराखंड के देहरादून जिले और हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले में यमुना की सहायक नदी टोंस नदी पर प्रस्तावित है। इसकी ऊंचाई 236 मीटर और लंबाई 680 मीटर होगी। इससे 97,076 हेक्टेयर जमीन की सिंचाई करेगा और उत्तर प्रदेश, हरियाणा,दिल्ली और राजस्थान में सिंचाई व पेयजल के लिए पानी भी देगा। इससे कुल 660मेगावाट हाइड्रोइलेक्ट्रिसिटी पैदा होगी, जिससे 1,379 एमयू ग्रीन इलेक्ट्रिक एनर्जी मिलेगी, जो उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश को बराबर मिलेगी।

यमुना से राज्यों को पानी का आवंटन

राज्यपानी (क्यूसेक)
हरियाणा6417
उत्तर प्रदेश4515
राजस्थान1253
दिल्ली811
हिमाचल प्रदेश423
कुल आवंटित पानी: 13,419 क्यूसेक
Published on:
17 Jun 2026 03:56 am