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G7 Summit 2026: जी-7 शिखर सम्मेलन में पीएम नरेंद्र मोदी, कहा- ‘वैश्विक साझेदारी की सफलता का आधार है आपसी विश्वास’

G7 Summit में पीएम नरेंद्र मोदी ने वैश्विक साझेदारियों के लिए आपसी विश्वास को सबसे बड़ी रणनीतिक पूंजी बताया। उन्होंने कहा कि दुनिया संसाधनों की नहीं, भरोसे की कमी से जूझ रही है। भारत की 'वसुधैव कुटुंबकम' और मानवता-प्रथम नीति पर भी उन्होंने जोर दिया।

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भारत

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Anurag Animesh

Jun 16, 2026

G7 Summit

G7 Summit 2026: जी-7 शिखर सम्मेलन में पीएम नरेंद्र मोदी(फोटो-X/@narendramodi)

PM Modi At G7 Summit 2026: फ्रांस के एवियन शहर में आयोजित जी-7 शिखर सम्मेलन में पीएम मोदी पहुंचे हुए हैं। आउटरीच सेशन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि वर्तमान समय में देशों के बीच आपसी विश्वास सबसे महत्वपूर्ण रणनीतिक पूंजी बन गया है। उन्होंने 'नई साझेदारियों का निर्माण और अंतरराष्ट्रीय एकजुटता का पुनर्निर्माण' विषय पर अपने विचार रखते हुए वैश्विक सहयोग की आवश्यकता पर जोर दिया। प्रधानमंत्री ने कहा कि आज दुनिया पहले की तुलना में कहीं अधिक जुड़ी हुई है। ऊर्जा, खाद्य सुरक्षा, स्वास्थ्य, साइबर सुरक्षा और आर्थिक स्थिरता जैसे मुद्दे एक-दूसरे से गहराई से जुड़े हैं। ऐसे में मानवता की प्रगति और समृद्धि के लिए अंतरराष्ट्रीय साझेदारियां अनिवार्य हो गई हैं। हालांकि, किसी भी साझेदारी की सफलता विश्वास की मजबूत नींव पर ही निर्भर करती है।

पीएम मोदी ने क्या कहा?


पीएम मोदी ने कहा कि मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों में व्यापार और तकनीक का कई बार सीमित स्वार्थों के लिए उपयोग किया जा रहा है, जिससे देशों के बीच भरोसे की कमी पैदा हो रही है। पीएम मोदी ने कहा कि दुनिया में संसाधनों की कमी नहीं है, बल्कि सबसे बड़ी चुनौती विश्वास की कमी है। भविष्य की वैश्विक साझेदारियों को मजबूत बनाने के लिए इस भरोसे को फिर से स्थापित करना आवश्यक है। प्रधानमंत्री मोदी ने भारत की 'वसुधैव कुटुंबकम' की भावना का जिक्र करते हुए कहा कि भारत हमेशा मानवता को प्राथमिकता देने के सिद्धांत पर कार्य करता रहा है। उन्होंने बताया कि यही सोच भारत की विभिन्न अंतरराष्ट्रीय पहलों, जैसे अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन, आपदा-प्रतिरोधी अवसंरचना गठबंधन, वैश्विक जैव ईंधन गठबंधन, मिशन लाइफ और 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान में भी दिखाई देती है।

भारत ने प्राकृतिक आपदाओं के समय कई देशों की सहायता की-पीएम मोदी


उन्होंने कहा कि भारत ने प्राकृतिक आपदाओं के समय कई देशों की सहायता की है और एक जिम्मेदार साझेदार के रूप में अपनी भूमिका निभाई है। चाहे श्रीलंका में चक्रवात हो, अफगानिस्तान में भूकंप, मोजाम्बिक में बाढ़ या जमैका में तूफान, भारत ने हमेशा त्वरित सहायता प्रदान की है। प्रधानमंत्री ने भारत की समावेशी और सतत विकास यात्रा का उल्लेख करते हुए कहा कि 'सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय' के मंत्र ने वित्तीय समावेशन, स्वास्थ्य सुरक्षा, डिजिटल पहचान, तकनीकी सशक्तिकरण और महिला नेतृत्व वाले विकास को बढ़ावा दिया है।