
Major Rishabh Sambyal Retirement: भारतीय सेना के 4 पैरा स्पेशल फोर्सेज के अधिकारी मेजर ऋषभ सिंह साम्ब्याल ने समय से पहले सेना से रिटायरमेंट ले लिया है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के एड-डी-कैंप (ADC) के रूप में सेवा के दौरान वह सोशल मीडिया पर खासे लोकप्रिय हुए थे। राष्ट्रपति भवन में उनकी मौजूदगी, अनुशासन और शांत व्यक्तित्व से जुड़े कई वीडियो और तस्वीरें वायरल हुईं, जिसके बाद वह इंटरनेट पर एक चर्चित चेहरा बन गए।
सेवा से विदाई के बाद 21 अगस्त को साम्ब्याल ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से राष्ट्रपति भवन में मुलाकात की। इस मुलाकात की तस्वीरें भी सोशल मीडिया पर शेयर की गई।
राष्ट्रपति भवन की आधिकारिक डिजिटल फोटो लाइब्रेरी में भी उन्हें पूर्व ADC और सेवानिवृत्त अधिकारी के रूप में दर्ज किया गया। बाद में अपने वीडियो और सोशल मीडिया पोस्ट में साम्ब्याल ने कहा कि यह मुलाकात राष्ट्रपति के मार्गदर्शन और आशीर्वाद के लिए आभार व्यक्त करने का अवसर थी।
साम्ब्याल पहली बार 2021 में सुर्खियों में आए, जब कैप्टन के रूप में उन्होंने गणतंत्र दिवस परेड में जाट रेजिमेंट के दल का नेतृत्व किया। उनके नेतृत्व में रेजिमेंट ने बेस्ट मार्चिंग कंटिजेंट ट्रॉफी जीती।
इसके बाद उन्होंने भारतीय सेना की प्रतिष्ठित 4 पैरा स्पेशल फोर्सेज में जाने का फैसला किया। इसे डैगर्स के नाम से भी जाना जाता है। चयन प्रक्रिया पूरी करने के बाद उन्होंने स्पेशल फोर्सेज की ट्रेनिंग हासिल की और बलिदान बैज प्राप्त किया।
जम्मू के एक सैन्य परंपरा वाले डोगरा राजपूत परिवार से आने वाले साम्ब्याल ने करीब आठ साल बतौर कमीशंड अधिकारी सेना में सेवा दी। नेशनल डिफेंस एकेडमी में तीन साल और IMA में एक साल समेत उनका सेना से जुड़ा सफर करीब 12 वर्षों का रहा। 2024-25 के आसपास उनका चयन राष्ट्रपति के ADC के रूप में हुआ।
राष्ट्रपति के साथ आधिकारिक कार्यक्रमों के दौरान उनकी कई तस्वीरें और वीडियो वायरल हुए। बारिश में राष्ट्रपति के ऊपर छाता पकड़ना, भावुक क्षणों में रूमाल देना, मंदिर की सीढ़ियों पर सहायता करना और बेहद सधे हुए अंदाज में प्रोटोकॉल निभाना, इन सभी तस्वीरों ने लोगों का ध्यान खींचा।
सोशल मीडिया पर कई यूजर्स ने उन्हें 'नेशनल क्रश' तक कहना शुरू कर दिया। उनके नाम से फैन पेज बनने लगे और उनकी लोकप्रियता लगातार बढ़ती गई।
समय से पहले रिटायरमेंट लेने के बाद साम्ब्याल ने एक वीडियो जारी किया था। जिसमें उन्होंने कहा कि सेना की वर्दी पहनना उनका बचपन का सपना था और उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि एक दिन इसे उतारना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि जिंदगी में कुछ परिस्थितियां ऐसे मोड़ ले आती हैं, जो इंसान का रास्ता बदल देती हैं।
उन्होंने स्पष्ट किया कि सेना छोड़ने का फैसला व्यक्तिगत और पारिवारिक कारणों से लिया गया और इस फैसले में उनके परिवार का समर्थन था। उन्होंने यह भी कहा कि फिलहाल शादी की कोई योजना नहीं है और वह आगे भी देश के लिए किसी न किसी रूप में योगदान करते रहेंगे। उन्होंने अपने अगले कदम के बारे में कहा कि इसकी घोषणा सही समय आने पर की जाएगी।