Parle Products IPO लाने की तैयारी में है और निवेश बैंकों से शुरुआती बातचीत शुरू कर चुकी है। यह पूरी तरह सेकेंडरी ऑफर हो सकता है, जिसमें मौजूदा शेयरधारक हिस्सेदारी बेचेंगे। मई के मध्य तक इस पर आगे बढ़ने की संभावना है, हालांकि कंपनी ने अभी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
Parle Products News: देश के हर घर में चाय के साथ खाए जाने वाले पारले-जी बिस्किट बनाने वाली कंपनी अब शेयर बाजार में उतरने की तैयारी कर रही है। खबर है कि Parle Products संभावित आईपीओ (IPO) के लिए निवेश बैंकों से बातचीत कर रही है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी ने इस दिशा में शुरुआती कदम उठाते हुए कम से कम पांच इन्वेस्टमेंट बैंकों से संपर्क किया है। इनमें Kotak Mahindra Bank, JM Financial और Axis Bank जैसे नाम शामिल बताए जा रहे हैं। हालांकि, अभी यह पूरी प्रक्रिया शुरुआती स्टेज में ही है। माना जा रहा है कि मई के मध्य तक इस पर कुछ ठोस कदम उठाए जा सकते हैं। दिलचस्प बात यह है कि यह आईपीओ पूरी तरह सेकेंडरी हो सकता है। यानी कंपनी नए शेयर जारी नहीं करेगी, बल्कि मौजूदा हिस्सेदार अपनी हिस्सेदारी बेच सकते हैं। इससे कंपनी को सीधे तौर पर नया पैसा नहीं मिलेगा।
इस पूरे मामले पर कंपनी की तरफ से फिलहाल कोई पुख्ता पुष्टि नहीं की गई है। प्रवक्ता का कहना है कि कंपनी फिलहाल अपने बिजनेस पर फोकस कर रही है। हां, सलाहकारों से मिलने वाले सुझावों पर विचार जरूर किया जाता है, लेकिन अभी आईपीओ को लेकर कोई अंतिम फैसला नहीं हुआ है।
1929 में मुंबई में शुरू हुई पारले प्रोडक्ट्स आज भारत की सबसे बड़ी अनलिस्टेड कंपनियों में गिनी जाती है। चौहान परिवार की तीसरी पीढ़ी, विजय, शरद और राज चौहान, इस कारोबार को आगे बढ़ा रही है। कंपनी पूरी तरह प्रमोटर-ओन्ड है। भारत ही नहीं, विदेशों में भी पारले की मजबूत मौजूदगी है। अमेरिका, ब्रिटेन, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया और मिडिल ईस्ट जैसे बाजारों में इसके प्रोडक्ट्स बिकते हैं। कंपनी के कई देशों में मैन्युफैक्चरिंग प्लांट भी हैं, जिससे उसका ग्लोबल नेटवर्क लगातार मजबूत हो रहा है।
पारले सिर्फ पारले-जी तक सीमित नहीं है। इसके पोर्टफोलियो में कई लोकप्रिय प्रोडक्ट्स शामिल हैं। मोनाको, क्रैकजैक, मैरी, 20-20, हैप्पी हैप्पी, किस्मी और कच्चा मैंगो बाइट जैसे नाम आज भी लोगों की पसंद बने हुए हैं। अगर कंपनी सच में शेयर बाजार में उतरती है, तो यह भारतीय FMCG सेक्टर के लिए एक बड़ी खबर साबित हो सकती है। निवेशकों की नजरें अब इस संभावित आईपीओ पर टिक गई हैं।