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देश के हितों से समझौता क्यों? ड्रैगन के मुद्दे पर मल्लिकार्जुन खरगे ने प्रधानमंत्री मोदी से पूछे कड़े सवाल

Galwan Clash Clean Chit Controversy: गलवान संघर्ष को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर गुरुवार को तीखा हमला बोला है।
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Jul 09, 2026
Mallikarjun Kharge
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे

Mallikarjun Kharge Attack PM Modi: कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने एक बार फिर नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार पर तीखा हमला बोला है। खरगे ने गुरुवार को केंद्र सरकार पर गलवान घाटी संघर्ष के बाद के छह वर्षों में चीन के सामने भारत के हितों को आत्मसमर्पण करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि 2020 में 20 भारतीय सैनिकों के बलिदान के बावजूद बीजिंग ने भारतीय अर्थव्यवस्था के कई रणनीतिक क्षेत्रों पर अपनी पकड़ मजबूत कर ली है।

पीएम मोदी से कांग्रेस ने पूछे तीखे सवाल

खरगे ने एक्स पर एक पोस्ट में आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गलवान संघर्ष के बाद चीन को 'क्लीन चिट' दे दी है और दावा किया कि फार्मास्यूटिकल्स, इलेक्ट्रिक वाहन, सौर ऊर्जा और महत्वपूर्ण खनिजों जैसे क्षेत्रों में चीनी आयात पर भारत की बढ़ती निर्भरता सरकार की आर्थिक और रणनीतिक नीतियों की विफलता को दर्शाती है।

उन्होंने कहा कि छह साल पहले गलवान में हमारे 20 बहादुर सैनिकों के सर्वोच्च बलिदान के बाद, प्रधानमंत्री मोदी ने चीन को क्लीन चिट सौंप दी थी। हमारे वीरों ने शहादत को चुना, लेकिन मोदी सरकार ने भारत के हितों को चीन के हवाले कर दिया है।

गलवान कांड के बाद से चीन से आयात में हुई वृद्धि

यह दावा करते हुए कि चीन का प्रभाव अब भारतीय अर्थव्यवस्था के प्रमुख क्षेत्रों में फैल चुका है, कांग्रेस अध्यक्ष ने आयात और व्यापार के आंकड़ों का हवाला देते हुए तर्क दिया कि गलवान संघर्ष के बाद बीजिंग पर भारत की निर्भरता में काफी वृद्धि हुई है।

गलवान कांड के बाद से चीन से आयात में 2025-26 तक चौंका देने वाली 101.81% की वृद्धि हुई है। इससे भारत का व्यापार घाटा बढ़कर 112.1 अरब डॉलर के भारी स्तर पर पहुंच गया है। भारत के एंटीबायोटिक आयात का चौंका देने वाला 86% हिस्सा चीन ने आपूर्ति किया। क्यों? उन्होंने आरोप लगाया कि 2024-25 में भारत के एपीआई, बल्क ड्रग और ड्रग इंटरमीडिएट आयात का लगभग 74% हिस्सा चीन ने अपने कब्जे में कर लिया था।

'ईवी और सौर ऊर्जा पर मोदी सरकार की खोखली बाते'

इलेक्ट्रिक वाहन क्षेत्र का जिक्र करते हुए खरगे ने दावा किया है कि भारत में ईवी घटकों के आयात का 66% हिस्सा अभी भी चीन से आता है। भारतीय ईवी को शक्ति प्रदान करने वाली लगभग 75% लिथियम-आयन बैटरी आयात की जाती हैं, और उनमें से अधिकांश चीनी हैं। भारत ने 2025-26 में चीन से लगभग 93% स्थायी चुंबक आयात किए।

सौर ऊर्जा पर मोदी सरकार की खोखली बातों के बावजूद, यह बेहद चिंताजनक है कि 2025-26 में भारत के अनडिफ्यूज्ड सिलिकॉन वेफर आयात का 99% से अधिक हिस्सा चीन ने आपूर्ति किया, जो उस क्षेत्र पर लगभग पूर्ण कब्जा है।

Updated on:
09 Jul 2026 05:07 pm
Published on:
09 Jul 2026 04:44 pm