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पंजाब कांग्रेस में बगावत पर आलाकमान सख्त, नाराज़ नेताओं से नहीं मिलेंगे मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी

Punjab Congress Inner Conflict: पंजाब कांग्रेस में बगावत के सुर से पार्टी आलाकमान खुश नहीं हैं। मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी पंजाब कांग्रेस के नाराज़ नेताओं से नहीं मिलेंगे।
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Jul 16, 2026
Mallikarjun Kharge and Rahul Gandhi
मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी (File Photo)

पंजाब कांग्रेस (Punjab Congress) में नेतृत्व परिवर्तन को लेकर जारी खींचतान के बीच कांग्रेस आलाकमान ने सख्त रुख अपना लिया है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे (Mallikarjun Kharge) और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी (Rahul Gandhi) फिलहाल पंजाब कांग्रेस के किसी भी नाराज़ नेता से मुलाकात नहीं करेंगे। खास तौर पर बागी गुट का नेतृत्व कर रहे एक वरिष्ठ नेता को लेकर शीर्ष नेतृत्व ने कड़ी नाराजगी जताई है।

भूपेश बघेल ने के.सी. वेणुगोपाल को सौंपी रिपोर्ट

सूत्रों ने बताया कि प्रभारी महासचिव भूपेश बघेल (Bhupesh Baghel) ने पंजाब को लेकर अपनी रिपोर्ट संगठन महासचिव के.सी. वेणुगोपाल (K.C. Venugopal) को सौंप दी है। वहीं अगले एक-दो दिन में पंजाब के कांग्रेस सांसदों के साथ वेणुगोपाल मीटिंग कर सकते हैं। इस मीटिंग में सांसदों को पंजाब के घटनाक्रम पर आलाकमान का रुख विस्तार से बताया जाएगा।

पंजाब नेतृत्व पर फैसला नहीं बदला जाएगा

सूत्रों ने बताया कि आलाकमान का स्पष्ट संदेश है कि पंजाब में कांग्रेस के नेतृत्व पर फैसला बदला नहीं जाएगा। पार्टी का मानना है कि लॉबिंग, दबाव की राजनीति या सार्वजनिक बयानबाजी के ज़रिए नेतृत्व के निर्णय को प्रभावित नहीं किया जा सकता। इसके संकेत बघेल ने बुधवार को फिर दिए। वेणुगोपाल से मुलाकात के बाद उन्होंने मीडिया से कहा कि नेतृत्व परिवर्तन गुड्डे-गुड़ियों का खेल नहीं है।

कार्रवाई से पीछे नहीं हटेगी पार्टी

सूत्रों का कहना है कि आलाकमान ने बागी नेताओं को स्पष्ट संदेश दिया है कि पार्टी किसी भी व्यक्ति से बड़ी नहीं है। अगर भविष्य में किसी नेता ने अनुशासन की सीमा लांघी या सार्वजनिक रूप से नेतृत्व के खिलाफ अभियान चलाया, तो कांग्रेस अनुशासनात्मक कार्रवाई करने से पीछे नहीं हटेगी। सूत्रों के अनुसार कांग्रेस नेतृत्व चाहता है कि पंजाब यूनिट में संगठनात्मक अनुशासन बना रहे और विधानसभा चुनाव से पहले किसी भी तरह की गुटबाजी को बढ़ावा न मिले।

चुनाव से पहले कांग्रेस की बढ़ी चिंता

पंजाब में आगामी विधानसभा चुनाव से कुछ महीने पहले ही कांग्रेस की अंदरूनी खींचतान खुलकर सामने आ गई है। प्रदेश अध्यक्ष पद पर लुधियाना से लोकसभा सांसद अमरिंदर सिंह राजा वडिंग (Amrinder Singh Raja Warring) को बरकरार रखने के फैसले का पूर्व मुख्यमंत्री और जालंधर से लोकसभा सांसद चरणजीत सिंह चन्नी (Charanjit Singh Channi) विरोध कर रहे हैं। इससे पार्टी में बगावत के सुर छिड़ गए हैं और चुनाव से पहले कांग्रेस की चिंता बढ़ गई है।