
Amit Shah Resignation Demand: कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने 20 जुलाई को हुए 'संसद चलो' मार्च के दौरान छात्रों पर पुलिस कार्रवाई को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने प्रदर्शनकारी युवाओं पर बल प्रयोग किया। बाद में उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कर उन्हें हिरासत में लिया, जबकि पहले यह आश्वासन दिया गया था कि उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी।
मल्लिकार्जुन खरगे ने सोशल मीडिया 'एक्स' पर लिखा, नरेंद्र मोदी (@narendramodi) जी, 10 दिन पहले आपकी सरकार ने युवाओं का लाठी-डंडे और पैलेट गन से दमन किया। जब छात्रों ने अपना आंदोलन वापस ले लिया तो अब आप बदले की भावना से उनपर FIR करवा रहे हैं, जबरन हिरासत में ले रहे हैं। युवाओं ने आंदोलन इस शर्त पर वापस लिया कि उनपर कार्रवाई नहीं होगी, अब आपकी सरकारें अपनी ही जुबान से पलट गईं है। युवाओं के सोशल मीडिया अकाउंट ब्लाक करवा रही है, बच्चियों को Dox किया जा रहा है।'
उन्होंने आगे लिखा, 'अहंकार इतना है कि गृह मंत्री अमित शाह ने संसद सदन में कदम तक नहीं रखा, एकाउंटबिलिटी के स्टेटमेंट से डरते रहे। अब ये सब फेस सेविंग और इमेज प्रोटेक्शन के हथकंडे नहीं चलेंगे, युवा आपका सच जान चुका है। थोड़ी सी भी शर्म बची है तो अमित शाह का इस्तीफा लीजिए।'
वहीं एक अन्य ट्वीट में उन्होंने राम मंदिर चंदा चोरी पर सरकार को घेरा। उन्होंने पोस्ट किया, 'छात्रों के दमन और श्री राम मंदिर से चंदा चोरी पर मोदी सरकार जवाब दे !!'
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर अपना हमला तेज कर दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार एफआईआर दर्ज कर और सोशल मीडिया अकाउंट हटवाकर 'जेनरेशन Z (Gen Z)' की आवाज दबाने की कोशिश कर रही है।
राहुल गांधी ने एक्स पर लिखा, 'प्रधानमंत्री मोदी और अमित शाह, आप Gen Z को डराकर चुप नहीं करा सकते।' उन्होंने आगे कहा, 'पहले आपने उनकी हड्डियां तोड़ीं। अब आप उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कर रहे हैं और उनके सोशल मीडिया अकाउंट हटवा रहे हैं।'
कांग्रेस नेता ने आगे कहा, 'आप भारत का अतीत हैं। ध्यान रखें कि आप भारत के भविष्य के साथ कैसा व्यवहार करते हैं।' इससे पहले, गुरुवार को राहुल गांधी ने 20 जुलाई को दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्र प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कथित पुलिस कार्रवाई की जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में एक स्वतंत्र उच्चस्तरीय समिति गठित करने की मांग की थी।