
बेंगलुरु। चुनाव आयोग को लेकर जारी विवाद के बीच कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पार्टी इस मुद्दे को बेहद गंभीरता से उठाएगी। खरगे ने कहा कि यह केवल कांग्रेस का राजनीतिक मुद्दा नहीं है, बल्कि पूरे देश, लोकतंत्र के अस्तित्व और देश के भविष्य से जुड़ा एक गंभीर सवाल है।
इस विषय पर भावी रणनीति तैयार करने के लिए खरगे ने कांग्रेस कार्य समिति (CWC) की महत्वपूर्ण बैठक बुलाई है। उन्होंने बताया कि बैठक में कार्यसमिति के सभी सदस्य अपने सुझाव देंगे, जिसके आधार पर पार्टी आगे की रणनीति तय करेगी।
खरगे ने कहा कि मैंने मंगलवार को कार्य समिति की बैठक बुलाई है, जहां इस पूरे मामले पर विस्तार से चर्चा होगी। CWC के सभी सदस्य अपने सुझाव देंगे। हम इस लड़ाई को पूरी गंभीरता से लड़ने जा रहे हैं। यह मुद्दा पूरे देश और हमारे लोकतंत्र के अस्तित्व से जुड़ा है, इसलिए हम इसे लेकर बेहद गंभीर हैं।
चुनाव आयोग की ओर से आ रहे बयानों पर हमला बोलते हुए खरगे ने आरोप लगाया कि आयोग में ही शीर्ष स्तर पर गड़बड़ियों को उजागर किया जा रहा है। उन्होंने केरल के एक पूर्व मुख्य सचिव के बयान का हवाला देते हुए कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त ने स्वयं उनसे चुनाव लड़ने के लिए कहा था।
खरगे ने इसे गंभीर आरोप बताते हुए कहा कि यदि सर्वोच्च संवैधानिक पद पर बैठा कोई व्यक्ति किसी विशेष राजनीतिक दल (भाजपा) की विचारधारा का प्रचार कर रहा है, तो उसे तुरंत अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसा आचरण संवैधानिक मर्यादा के खिलाफ है और पद छोड़ने के बाद भी संबंधित व्यक्ति के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।