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जाति जनगणना पर कांग्रेस का PM मोदी को पत्र, मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी ने प्रक्रिया पर जताई चिंता

Mallikarjun Kharge, Rahul Gandhi write letter to PM Modi: जाति जनगणना को लेकर कांग्रेस ने PM मोदी को पत्र लिखा। मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी ने बिहार-तेलंगाना मॉडल अपनाने और सत्यापित जाति सूची के आधार पर गणना की मांग की।
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Aug 25, 2026
Rahul Gandhi and Mallikarjun Kharge on Caste Census.
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी। (Photo - ANI)

Caste Census: कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने मंगलवार को कहा कि उन्होंने और राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर जारी जाति जनगणना प्रक्रिया को लेकर चिंता जताई है। दोनों नेताओं ने मांग की है कि मौजूदा खुले प्रारूप वाली प्रश्नावली को खत्म कर बिहार और तेलंगाना में अपनाए गए मॉडल की तर्ज पर सत्यापित जातियों की सूची के आधार पर नई प्रश्नावली तैयार की जाए।

मल्लिकार्जुन खरगे ने क्या कहा?

मल्लिकार्जुन खरगे ने सोशल मीडिया ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि खुले प्रारूप वाले सवालों के जरिए जातियों की सटीक गणना संभव नहीं होगी। इससे एक ही जाति अलग-अलग नामों और उप-जातियों के रूप में दर्ज हो सकती है, जिससे आंकड़े बिखर जाएंगे।

उन्होंने लिखा, 'लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और मैंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी को संयुक्त पत्र लिखकर मौजूदा जाति जनगणना प्रक्रिया को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की है। खुले सवालों के जरिए जातियों की सटीक गणना संभव नहीं है। यदि एक ही जाति अलग-अलग नामों और उप-जातियों के तहत दर्ज की जाती है, तो आंकड़े बिखर जाएंगे और इसका सबसे बड़ा नुकसान ओबीसी, अति पिछड़े और वंचित समुदायों को होगा।'

खरगे ने कहा कि कांग्रेस की मांग स्पष्ट है। मौजूदा प्रश्नावली को रद्द किया जाए, सत्यापित जातियों की सूची के आधार पर नई प्रश्नावली तैयार की जाए और राजनीतिक दलों, विशेषज्ञों तथा आम जनता के साथ व्यापक विचार-विमर्श किया जाए।

उन्होंने कहा कि तेलंगाना और बिहार में हुए जाति सर्वेक्षण की तरह पहले से तैयार और सत्यापित जातियों की सूची के आधार पर गणना करना व्यावहारिक समाधान है। उन्होंने जोर दिया कि जाति जनगणना केवल कराई ही नहीं जानी चाहिए, बल्कि इसे सही तरीके से भी किया जाना चाहिए।

जयराम रमेश बोले- केंद्र के पास अभी भी बदलाव का समय

कांग्रेस सांसद जयराम रमेश ने कहा कि पार्टी चाहती है कि केंद्र सरकार राष्ट्रीय जनगणना के लिए बिहार और तेलंगाना के मॉडल को अपनाए। प्रेस कॉन्फ्रेंस में जयराम रमेश ने कहा कि बिहार जाति सर्वेक्षण के परिणाम 2 अक्टूबर 2023 को और तेलंगाना जाति सर्वेक्षण के परिणाम 4 फरवरी 2025 को जारी किए गए थे। उन्होंने कहा कि पत्र में राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे ने प्रधानमंत्री से आगामी राष्ट्रीय जनगणना में बिहार और तेलंगाना में अपनाई गई इसी पद्धति को लागू करने का आग्रह किया है।

रमेश ने कहा कि केंद्र के पास अभी बदलाव करने का समय है, क्योंकि जाति जनगणना फिलहाल केवल लद्दाख, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और उत्तराखंड के कुछ हिस्सों में शुरू हुई है। देशव्यापी जनगणना फरवरी 2027 में प्रस्तावित है।