ममता बनर्जी ने केरल के नाम 'केरलम' पर बधाई दी, लेकिन केंद्र पर हमला बोला कि पश्चिम बंगाल को 'बांग्ला' नाम देने का प्रस्ताव सालों से लंबित है।
केरल का नाम 'केरलम' किए जाने पर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मंगलवार को बधाई दी। इसके साथ ही केंद्र सरकार को याद दिलाया कि पश्चिम बंगाल राज्य के पास भी अपना नाम बदलकर 'बांग्ला' करने का अपना प्रस्ताव है।
ममता की पार्टी टीएमसी ने अपने एक्स पोस्ट में कहा- पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी 'बांग्ला विरोधी' है और दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय मंत्री अमित शाह को राज्य की विरासत और भाषा का कोई सम्मान नहीं है।
टीएमसी ने लिखा- ममता बनर्जी ने केरल के लोगों को उनके राज्य का नाम 'केरलम' करने के लिए केंद्रीय कैबिनेट की मंजूरी पर दिल से बधाई दी।
साथ ही, उन्होंने केंद्र को याद दिलाया कि पश्चिम बंगाल का नाम बदलकर 'बांग्ला' करने का ऐसा ही एक प्रस्ताव सालों से दबा हुआ है।
टीएमसी ने बताया- ममता बनर्जी ने कहा कि पश्चिम बंगाल की सही मांग को सिर्फ इसलिए मना नहीं किया जाना चाहिए क्योंकि राज्य ने BJP के आगे झुकने से इनकार कर दिया।
TMC ने X पर आगे लिखा- हर चुनावी मौसम में, पीएम मोदी और अमित शाह बंगाल आते हैं, मगरमच्छ के आंसू बहाते हैं और हमारी मिट्टी, हमारी संस्कृति, हमारे लोगों से प्यार करने का नाटक करते हैं।
पार्टी ने आगे कहा- इन बांग्ला-विरोधी लोगों को हमारी विरासत, हमारी भाषा, हमारे आइकॉन और हमारी इज्जत की कोई परवाह नहीं है। जब कोई राज्य अपनी पहचान बताता है तो हमें खुशी होती है, लेकिन बंगाल इस बदले की भावना वाले भेदभाव को स्वीकार नहीं करेगा।
ममता सरकार ने राज्य का नाम बदलकर बांग्ला करने का प्रस्ताव पास किया था और कई मौकों पर केंद्र के सामने यह मांग रखी है।
ममता ने राज्य का नाम बदलने की मांग फिर से उठाई है। बता दें कि इस साल के आखिर में पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। इससे पहले ममता ने यह मांग उठाई है।