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सीएम शुभेन्दु अधिकारी ने बंगाल की तुलना श्रीनगर से क्यों कर दी? बोले- ‘पथराव हुआ तो सख्त एक्शन लेंगे’

Suvendu Adhikari: कोलकाता के पार्क सर्कस में बुलडोजर कार्रवाई के विरोध में हिंसक प्रदर्शन हुआ था, जिसमें पुलिस और CAPF के 13 जवान घायल हो गए। घटना पर शुभेंदु अधिकारी ने बोलते हुए कहा कि पश्चिम बंगाल में पत्थरबाजी और हिंसा अब बंद होनी चाहिए। उन्होंने श्रीनगर और बंगाल की तुलना भी की।

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Suvendu Adhikari

शुभेन्दु अधिकारी(फोटो-IANS)

Kolkata Park Circus Protest: पश्चिम बंगाल में नई सरकार बनने के बाद हिंसा को लेकर पक्ष और विपक्ष में लगातार जुबानी जंग चल रही है। सीएम शुभेन्दु अधिकारी के पीए मर्डर के बाद यह बहस और तेज हो गई है। इसी कड़ी में रविवार को कोलकाता के पार्क सर्कस इलाके में हुए हिंसक प्रदर्शन ने इस मामले को और तूल दे दिया है। इस पूरे मामले पर सोमवार को राज्य के सीएम शुभेन्दु अधिकारी ने बयान दिया है। साथ ही उन्होंने कहा कि बंगाल में पत्थरबाजी और हिंसा जैसी घटनाएं अब बंद होनी चाहिए। पत्थरबाजी पर बोलते हुए सीएम ने श्रीनगर से बंगाल की तुलना की। उन्होंने कहा,"कश्मीर,श्रीनगर जैसे संवेदनशील जगह पर भी अब पत्थरबाजी बंद हो गई है तो बंगाल में भी पत्थरबाजी को बंद करना ही होगा। उन्होंने कहा कि जबसे धारा 370 हटी है, कश्मीर में ऐसी घटनाएं अब नहीं होती हैं।

क्या है पूरा मामला?


दरअसल, रविवार दोपहर कोलकाता के पार्क सर्कस सेवन पॉइंट क्रॉसिंग पर बड़ी संख्या में लोग इकट्ठा हुए थे। यह प्रदर्शन तिलजला इलाके में हुई बुलडोजर कार्रवाई के खिलाफ किया जा रहा था। कुछ दिनों पहले यहां एक इमारत में आग लगने से तीन लोगों की मौत हो गई थी। इसके बाद प्रशासन ने इलाके की दो कथित अवैध इमारतों पर कार्रवाई करते हुए उनका कुछ हिस्सा गिरा दिया था। इसी कार्रवाई के विरोध में सोशल मीडिया के जरिए लोगों को प्रदर्शन के लिए बुलाया गया था।

कई पुलिसकर्मी हो गए थे घायल


पुलिस के मुताबिक, प्रदर्शन की अनुमति नहीं ली गई थी। जैसे ही भीड़ ने सड़क जाम करने की कोशिश की, तनाव बढ़ने लगा। हालात तब बिगड़ गए जब पुलिस ने लोगों को हटाने का प्रयास किया। आरोप है कि प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर पत्थर और ईंटें फेंकनी शुरू कर दी। इस दौरान कई पुलिस गाड़ियों में भी तोड़फोड़ की गई। इस हिंसा में 10 पुलिसकर्मी और CAPF के 3 जवान घायल हुए हैं। इनमें कुछ अधिकारियों को गंभीर चोटें आईं, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। पुलिस ने हालात काबू में करने के लिए लाठीचार्ज भी किया।

अब तक 40 लोगों की गिरफ्तारी


पुलिस ने अब तक करीब 40 लोगों को गिरफ्तार करने की जानकारी दी है। पूरे मामले की जांच जारी है और इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। इस मामले पर बोलते हुए सीएम ने कहा कि लोकतंत्र में किसी भी व्यक्ति या संगठन को अपनी बात रखने का पूरा अधिकार है, लेकिन विरोध प्रदर्शन कानून के दायरे में रहकर होना चाहिए। सीएम ने आगे जोड़ा कि अगर किसी को शिकायत है तो वह पुलिस अधिकारियों से मिलकर अपनी बात रख सकता है, ज्ञापन दे सकता है, लेकिन सड़क पर उतरकर हिंसा करना सही नहीं है।

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