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पश्चिम बंगाल की नई सरकार का बड़ा फैसला, मदरसा विभाग की धर्म आधारित योजनाओं को किया बंद

West Bengal BJP government: सुवेंदु अधिकारी सरकार ने पश्चिम बंगाल में महिलाओं को 3000 सहायता, मुफ्त बस यात्रा और जनता दरबार जैसी नई पहल शुरू की है। साथ ही मदरसा विभाग की धर्म आधारित योजनाओं को चरणबद्ध तरीके से समाप्त करने का फैसला लिया गया है।
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कोलकाता

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Himadri Joshi

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Updated: 18 May 2026, 4:21 PM IST

Suvendu Adhikari finalised minister portfolio

सीएम शुभेन्दु अधिकारी। (फोटो-IANS)

West Bengal BJP government: पश्चिम बंगाल में नई बीजेपी सरकार ने अपने दूसरे कैबिनेट बैठक में कई महत्वपूर्ण फैसले लिए हैं। मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के नेतृत्व वाली सरकार ने महिलाओं के लिए आर्थिक सहायता, मुफ्त बस यात्रा और प्रशासनिक बदलावों को प्राथमिकता देने का दावा किया है। लेकिन इस दौरान सबसे चर्चित फैसला मदरसा विभाग और सूचना एवं संस्कृति विभाग के तहत चल रही धर्म आधारित सहायता योजनाओं को चरणबद्ध तरीके से बंद करने का रहा। सरकार के अनुसार पहले से जारी परियोजनाएं इस महीने के अंत तक चलेंगी, जिसके बाद उन्हें समाप्त कर दिया जाएगा। इस फैसले को लेकर राज्य की राजनीति में नई बहस शुरू हो गई है और विपक्ष ने भी सरकार के इरादों पर सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं।

महिलाओं के लिए कई विशेष योजनाओं की घोषणा

शहरी विकास मंत्री अग्निमित्रा पॉल ने कैबिनेट बैठक के बाद बताया कि सरकार ने अन्नपूर्णा योजना को मंजूरी दे दी है। इस योजना के तहत राज्य की महिलाओं को 1 जून से 3000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। बीजेपी ने विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान इस योजना का वादा किया था। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि जो महिलाएं पहले से लक्ष्मी भंडार योजना का लाभ ले रही हैं, उन्हें स्वत: इस नई योजना में शामिल किया जाएगा। जिन महिलाओं का नाम पुरानी योजना में नहीं है, उनके लिए नया पोर्टल शुरू किया जाएगा ताकि आवेदन प्रक्रिया आसान बनाई जा सके। इसके साथ ही महिलाओं के लिए पूरे राज्य में मुफ्त बस यात्रा की सुविधा भी 1 जून से लागू करने का फैसला लिया गया है।

मदरसा योजनाओं को समाप्त करने का लिया निर्णय

इसी बैठक के दौरान कैबिनेट ने मदरसा विभाग और सूचना एवं संस्कृति विभाग के तहत चल रही धर्म आधारित सहायता योजनाओं को समाप्त करने का निर्णय भी लिया है। सरकार का कहना है कि प्रशासनिक योजनाओं को धर्म से अलग रखते हुए समान लाभ नीति अपनाई जाएगी। हालांकि मौजूदा लाभार्थियों को तत्काल प्रभाव से बाहर नहीं किया जाएगा और चल रही परियोजनाएं महीने के अंत तक जारी रहेंगी। बीजेपी नेताओं ने इसे समान प्रशासन की दिशा में कदम बताया है, जबकि विपक्षी दल इसे राजनीतिक एजेंडा करार दे रहे हैं। राज्य में इस फैसले को लेकर सामाजिक और राजनीतिक चर्चा लगातार तेज हो रही है।

सीएम सुवेंदु ने जनता दरबार का आयोजन किया

मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने सोमवार को अपना पहला जनता दरबार भी आयोजित किया। सॉल्ट लेक स्थित बीजेपी कार्यालय में छात्रों समेत कई लोगों ने अपनी समस्याएं और मांगें मुख्यमंत्री के सामने रखीं। पार्टी नेताओं के अनुसार अब ऐसे जनता दरबार नियमित रूप से आयोजित किए जाएंगे। बीजेपी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर दावा किया कि नई डबल इंजन सरकार ने अपने पहले सप्ताह में तेज प्रशासनिक कामकाज की शुरुआत कर दी है। पार्टी ने कहा कि जो काम तृणमूल कांग्रेस (TMC) सरकार 15 वर्षों में नहीं कर सकी, उसे नई सरकार ने पहले सप्ताह में दिखाना शुरू कर दिया है।