18 मई 2026,

सोमवार

Patrika Logo
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

बंगाल में महिलाओं को 3000 रुपये हर महीने, फ्री बस यात्रा और 7वें वेतन आयोग को मिली मंजूरी

Bengal Free Bus Travel for Women: पश्चिम बंगाल की बीजेपी सरकार ने महिलाओं के लिए 3000 रुपये मासिक सहायता वाली अन्नपूर्णा योजना, फ्री बस यात्रा और 7वें वेतन आयोग को मंजूरी दे दी है।

2 min read
Google source verification
Suvendu Adhikari

CM शुभेंदु अधिकारी (ANI)

Bengal 3000 Monthly Aid for Women: पश्चिम बंगाल में मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी (Suvendu Adhikari) के नेतृत्व वाली बीजेपी सरकार ने सत्ता संभालने के बाद लगातार बड़े फैसले लेने शुरू कर दिए हैं। राज्य कैबिनेट की हालिया बैठक में महिलाओं, सरकारी कर्मचारियों और कानून-व्यवस्था को लेकर कई अहम घोषणाएं की गईं। सरकार ने 1 जून से महिलाओं के लिए अन्नपूर्णा योजना लागू करने को मंजूरी दे दी है, जिसके तहत पात्र महिलाओं को हर महीने 3,000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। इसके साथ ही महिलाओं के लिए राज्य परिवहन बसों में मुफ्त यात्रा सुविधा भी शुरू की जाएगी।

महिलाओं के लिए अन्नपूर्णा योजना का ऐलान

कैबिनेट मंत्री अग्निमित्रा पॉल ने जानकारी देते हुए बताया कि राज्य सरकार 1 जून से अन्नपूर्णा योजना लागू करेगी। इस योजना के तहत आर्थिक रूप से कमजोर महिलाओं को हर महीने 3,000 रुपये की सहायता राशि सीधे उनके खाते में भेजी जाएगी। सरकार का दावा है कि इससे लाखों महिलाओं को आर्थिक मजबूती मिलेगी और उनके जीवन स्तर में सुधार होगा।

महिलाओं के लिए फ्री बस यात्रा

सरकार ने महिलाओं के लिए एक और बड़ा फैसला लेते हुए राज्य की बसों में मुफ्त सफर की सुविधा देने का भी ऐलान किया है। माना जा रहा है कि यह फैसला महिला सुरक्षा और आर्थिक राहत को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।

सरकारी कर्मचारियों के लिए 7वें वेतन आयोग को मंजूरी

बीजेपी सरकार ने राज्य के सरकारी कर्मचारियों, संबद्ध वैधानिक निकायों और शैक्षणिक संस्थानों के कर्मचारियों के लिए 7वें राज्य वेतन आयोग के गठन को भी मंजूरी दे दी है। लंबे समय से वेतन संशोधन की मांग कर रहे कर्मचारियों के लिए यह फैसला बड़ी राहत माना जा रहा है। अग्निमित्रा पॉल ने बताया कि सरकार जल्द ही आयोग की रूपरेखा और सिफारिशों पर काम शुरू करेगी, जिससे कर्मचारियों के वेतन और भत्तों में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।

धार्मिक आधार पर मिलने वाली सरकारी सहायता बंद

राज्य सरकार ने एक और बड़ा निर्णय लेते हुए धार्मिक आधार पर वर्गीकृत समूहों को दी जाने वाली सरकारी सहायता को जून से बंद करने का फैसला किया है। बीजेपी सरकार का कहना है कि सभी योजनाएं अब समानता और पारदर्शिता के आधार पर लागू की जाएंगी।

पार्क सर्कस हिंसा पर सख्त हुए सीएम

कैबिनेट बैठक के दौरान मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर भी सख्त संदेश दिया। उन्होंने कहा कि राज्य में पुलिसकर्मियों पर पत्थरबाजी किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सीएम ने रविवार को पार्क सर्कस में हुई हिंसा का जिक्र करते हुए कहा कि इस घटना में पुलिस और CRPF के जवान घायल हुए थे, लेकिन सुरक्षा बलों ने हालात को बिगड़ने से रोकने में अहम भूमिका निभाई।

पहली कैबिनेट बैठक में भी लिए गए थे बड़े फैसले

इससे पहले 11 मई को हुई पहली कैबिनेट बैठक में भी शुभेंदु अधिकारी सरकार ने कई अहम फैसले लिए थे। सरकार ने भारत-बांग्लादेश सीमा पर बाड़बंदी का काम तेज करने के लिए बीएसएफ को जमीन हस्तांतरित करने का निर्णय लिया था। कैबिनेट ने लगभग 600 एकड़ जमीन बीएसएफ को सौंपने की मंजूरी दी थी और इसके लिए 45 दिनों की समय सीमा तय की गई थी। सरकार का कहना है कि इससे सीमा सुरक्षा मजबूत होगी और अवैध घुसपैठ पर रोक लगाने में मदद मिलेगी।