राष्ट्रीय

भगवद गीता और महिलाओं पर अपमानजनक टिप्पणी करने वाला मुंबई एयरपोर्ट से गिरफ्तार, कर्नाटक पुलिस ने लिया एक्शन

मुंबई के एक शख्स को कर्नाटक पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोप है कि उसने 2024 में नफरत फैलाने वाला सोशल मीडिया पोस्ट अपलोड किया था
2 min read
Dec 09, 2025
etah news
प्रस्तुति के लिए इस्तेमाल की गई तस्वीर। (फोटो- पत्रिका डिजाइन)

मुंबई के रहने वाले एक शख्स को कर्नाटक पुलिस ने गिरफ्तार किया है। उस पर साल 2024 में नफरत फैलाने के इरादे से विवादित सोशल मीडिया पोस्ट अपलोड करने का आरोप है।

मंगलुरु सिटी पुलिस ने शख्स को मुंबई एयरपोर्ट से गिरफ्तार किया है। विवादित पोस्ट को लेकर पुलिस ने शख्स के खिलाफ लुक आउट सर्कुलर (एलओसी) जारी किया था। उसी के आधार पर यह कार्रवाई हुई है।

सऊदी अरब में काम कर रहा था आरोपी

आरोपी सऊदी अरब में काम कर रहा था। जैसे ही वह भारत लौटा, पुलिस को भनक लग गई। इसके बाद, तुरंत उसे एयरपोर्ट से गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपी की पहचान 56 वर्षीय फेलिक्स एडवर्ड मथाइस के रूप में हुई है।

फेलिक्स ने फरवरी 2024 में भगवद गीता और महिलाओं के बारे में अपमानजनक पोस्ट शेयर किए थे। उसके खिलाफ कंकनाडी सिटी पुलिस स्टेशन में आईपीसी की धारा 153(ए), 504, 507, 509 और आईटी एक्ट की धारा के तहत केस दर्ज किया गया था।

इस वजह से नहीं हो पाई थी गिरफ्तारी

जिस समय केस दर्ज किया गया था, मथाइस नौकरी सऊदी अरब में नौकरी कर रहा था, जिससे उसकी गिरफ्तारी नहीं हो पाई। आरोपी मूल रूप से मुंबई के चारकोप का रहने वाला है। उसके विदेश में नौकरी के बारे में जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने उसके खिलाफ एलओसी जारी किया था।

आरोपी विदेश से मुंबई एयरपोर्ट पर उतरा था। इमिग्रेशन अधिकारियों ने उसे हिरासत में लिया और मंगलुरु पुलिस को जानकारी दी। इसके बाद, उसे 5 दिसंबर, 2025 को एयरपोर्ट पर गिरफ्तार कर लिया गया।

मंगलुरु ले गई पुलिस

अब पुलिस उसे जांच के लिए मंगलुरु ले गई है। उसे कोर्ट में पेश किया गया है। कोर्ट में एक रिपोर्ट जमा की गई है, जिसमें उसका पासपोर्ट जब्त करने की रिक्वेस्ट की गई है।

इस मामले में एक और आरोपी एविगिन जॉन डिसूजा (उम्र 57) को पहले 11 अगस्त, 2024 को गिरफ्तार किया गया था और कोर्ट में पेश किया गया था। मामले की जांच जारी है।

क्या कहा था?

रिपोर्ट्स के अनुसार, फेलिक्स ने भगवद गीता को लेकर अपमानजनक टिप्पणियां कीं, जो हिंदू धार्मिक ग्रंथ के प्रति असम्मान दर्शाती थीं। साथ ही, महिलाओं के बारे में भी ऐसी टिप्पणियां कीं जो उन्हें नीचा दिखाने वाली और घृणा फैलाने वाली थीं।

सटीक शब्द या पोस्ट का विवरण सार्वजनिक रूप से उपलब्ध नहीं है, लेकिन ये पोस्ट साफ जाहिर करते थे कि वे नफरत फैलाने के इरादे से शेयर किए गए थे।

Updated on:
09 Dec 2025 06:51 am
Published on:
09 Dec 2025 06:51 am
Also Read
View All