राष्ट्रीय

बीजेपी सरकार, फिर भी 17 दिन से पड़ी है बीजेपी एमएलए की लाश, समर्थक मांग रहे इंसाफ

Vungzagin Valte death controversy: विधायक वाल्टे का 21 फरवरी को गुरुग्राम के एक अस्पताल में निधन हुआ। दरअसल, करीब तीन साल पहले इंफाल में भाड़ ने उन पर हमला कर दिया था।

2 min read
Mar 11, 2026
विधायक वुंगजागिन वाल्टे

Manipur Politics: मणिपुर में जोमी समुदाय के विधायक वुंगजागिन वाल्टे की मौत के दो हफ्ते से ज्यादा समय बीतने के बावजूद उनका अंतिम संस्कार नहीं हो पाया है। उनका शव अभी भी चुराचांदपुर के मेडिकल कॉलेज के शवगृह में रखा हुआ है। समुदाय के नेताओं का कहना है कि अंतिम संस्कार से पहले राज्य सरकार को 2023 में हुए हमले की जांच और कुछ राजनीतिक दलों पर ठोस प्रस्ताव देना होगा।

ये भी पढ़ें

Rajya Sabha Election: अभिषेक मनु सिंघवी से लेकर रामदास अठावले तक ये नेता निर्विरोध जीते, इन 11 सीटों पर होगा मुकाबला

डिप्टी सीएम ने किया समाधान का प्रयास

हालांकि गतिरोध को समाप्त करने के लिए मणिपुर के डिप्टी सीएम लोसी दिखो 2 मार्च को चुराचांदपुर पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने विधायक के परिवार, इस मुद्दे पर बनी जोमी समन्वय समिति और आठ सदस्यों का प्रतिनिधित्व करने वाली जोमी परिषद के साथ बैठक की।

हालांकि जोमी परिषद के एक सदस्य ने कहा कि मामला अभी सुलझने से दूर है। उनका कहना है कि वाल्टे सिर्फ आम नागरिक नहीं बल्कि इच्छुक पार्टी के विधायक थे, इसलिए उनकी मौत के लिए किसी की जवाबदेही तय होनी चाहिए और जांच में ठोस प्रगति दिखनी चाहिए।

2023 की हिंसा में हुए थे गंभीर घायल

बता दें कि विधायक वाल्टे का 21 फरवरी को गुरुग्राम के एक अस्पताल में निधन हुआ। दरअसल, करीब तीन साल पहले इंफाल में भाड़ ने उन पर हमला कर दिया था। इस दौरान उन्हें गंभीर चोटें लगी थीं। यह हमला उस समय हुआ था जब राज्य में मेइती-कुकी-जो संघर्ष की शुरुआत हुई थी।

मेइती बहुल क्षेत्रों से बचने के लिए उनके पार्थिव शरीर को मिजोरम के रास्ते चुराचांदपुर लाया गया, जहां से अब तक अंतिम संस्कार नहीं हो पाया है।

विधानसभा में भी उठा मुद्दा

सोमवार को मणिपुर विधानसभा के सत्र में भी यह मुद्दा उठा। बीजेपी विधायक एल एम खौटे ने वर्चुअल तरीके से कार्रवाई में हिस्सा लेते हुए कहा कि वाल्टे का अभी तक अंतिम संस्कार नहीं हुआ है। साथ ही उन्होंने कहा कि सरकार को जल्द न्याय दिलाने के लिए कदम उठाना चाहिए। उन्होंने मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह द्वारा अस्पताल में वाल्टे से मिलने और परिवार से बातचीत की कोशिशों की सराहना भी की।

क्या है मांगें?

वाल्टे के बेटे जोसेफ ने मीडिया से बात करते हुए कहा था कि उनके पिता पर हुए हमले की जांच सीबीआई या एनआईए से कराई जानी चाहिए। इसके अलावा, जोमी काउंसिल लंबे समय से चुराचांदपुर के दक्षिणी हिस्से को मिलाकर एक अलग जिला बनाने की मांग भी उठा रही है।

इस मामले में केंद्र सरकार को भी ज्ञापन दिया गया है, जिसमें जांच के साथ-साथ जो समुदायों की अलग प्रशासनिक मांगों की मांग पर समयबद्ध बातचीत की अपील की गई है।

ये भी पढ़ें

इजरायल-ईरान युद्ध को लेकर संसद में बोले विदेश मंत्री जयशंकर, कहा- भारतीयों की सुरक्षा को लेकर सरकार गंभीर

Published on:
11 Mar 2026 12:33 pm
Also Read
View All

अगली खबर