
India Myanmar Border: मणिपुर में भारत-म्यांमार सीमा के पास सुरक्षा बलों को बड़ी कामयाबी मिली है। मणिपुर पुलिस और असम राइफल्स ने चंदेल जिले में संयुक्त तलाशी अभियान चलाकर चार संदिग्ध उग्रवादियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, पकड़े गए आरोपियों के संबंध दो अलग-अलग उग्रवादी संगठनों से होने का संदेह है। इनके पास से मोबाइल फोन के अलावा 12,115 म्यांमार क्यात और 10 रुपये भारतीय मुद्रा बरामद की गई है।
सुरक्षा बलों को चंदेल जिले के सीमावर्ती क्षेत्र में उग्रवादियों की आवाजाही को लेकर गुप्त खबर मिली थी। इसी जानकारी के आधार पर 1 सितंबर को मणिपुर पुलिस और असम राइफल्स की टीम ने मोलचम पुलिस स्टेशन के अंतर्गत आने वाले ऐवोमजांग गांव के पास मोर्चा संभाला। बॉर्डर पिलर संख्या 59 के आसपास चलाए गए इस संयुक्त तलाशी अभियान के दौरान चारों संदिग्धों को घेरकर हिरासत में ले लिया गया।
सुरक्षा एजेंसियों द्वारा की गई शुरुआती पूछताछ में पकड़े गए चारों आरोपियों की पहचान उजागर हो गई है। इनमें बिष्णुपुर जिले के मोइरंग थाना लीकाई निवासी 19 वर्षीय थियाम जोतिराज सिंह और थौबल जिले के चारंगपत ममांग लीकाई से 18 वर्षीय ओइनाम बेनार्जी सिंह शामिल हैं। इनके अलावा मोइरांग नगंगखलावई के रहने वाले 28 वर्षीय हुइड्रोम राजेश सिंह तथा थौबल जिले के ही हेइरोक पार्ट-I निवासी 31 वर्षीय खुंडोंगबाम लेम्बा सिंह को भी मौके से गिरफ्तार किया गया है।
सुरक्षा अधिकारियों के अनुसार, पकड़े गए उग्रवादियों में से तीन के संबंध प्रतिबंधित संगठन 'यूनाइटेड नेशनल लिबरेशन फ्रंट (K)' से होने का संदेह है। वहीं, चौथे आरोपी ओइनम बेनरजी सिंह का नाता 'पीपुल्स रिवोल्यूशनरी पार्टी ऑफ कांगलेपाक (प्रोग्रेसिव)' से जुड़ा बताया जा रहा है। तलाशी के दौरान इनके पास से मोबाइल फोन, 10 रुपये की भारतीय मुद्रा और 12,115 म्यांमार क्यात (विदेशी करेंसी) बरामद हुई है। फिलहाल पुलिस और खुफिया एजेंसियां इन सभी से गहन पूछताछ कर रही हैं ताकि सीमा पार से होने वाली किसी भी बड़ी साजिश का पर्दाफाश किया जा सकें।
मणिपुर में मई 2023 से मैतेई और कुकी-जो समुदायों के बीच शुरू हुई जातीय हिंसा के बाद से ही सुरक्षा बल इलाके में लगातार तलाशी अभियान चला रहे हैं। पिछले तीन वर्षों में हुई इस हिंसा में अब तक 260 से ज्यादा लोगों की जान जा चुकी है, जबकि हजारों लोग अपना घर छोड़कर बेघर होने को मजबूर हुए हैं।