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गूंजती रहीं चीखें और बाहर भाग गया चीनी सुपरवाइजर, नेपाल में टनल से जिंदा लौटे मजदूर की आपबीती

Flood Update: नेपाल बाढ़ के बीच त्रिशूली हाइड्रोपावर टनल से जिंदा बचे मजदूर राज क्षेत्री का बड़ा खुलासा। चीनी सुपरवाइजर पर लगाए गंभीर आरोप, जानिए पूरी आपबीती।
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भारत

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Pratiksha Gupta

Sep 02, 2026

Nepal Tunnel Rescue, Trishuli 3A Hydroelectric Project

नेपाल में टनल से जिंदा लौटे मजदूर की दर्दनाक आपबीती / फोटो सोर्स- X(@AjayDwi65357304)

Nepal Flash Flood:नेपाल में आई भीषण बाढ़ और बारिश ने हजारों जिंदगियों को तबाह कर दिया है। इसी आपदा के बीच इस तबाही के बीच त्रिशूली-3A हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट की सुरंग (टनल) से किसी तरह अपनी जान बचाकर निकले मजदूर राज क्षेत्री ने वहां का आंखों देखा खौफनाक मंजर बयान किया है। राज का कहना है कि अगर समय रहते चेतावनी मिल जाती और चीनी सुपरवाइजर मजदूरों को बाहर निकलने देता, तो कई मजदूरों की जान बचाई जा सकती थी।

अचानक बदला मौसम और टनल में गूंजी खौफनाक आवाज

सुरंग से जिंदा लौटकर आए राज क्षेत्री ने बताया कि जब यह हादसा हुआ, उस समय टनल नंबर-3 में लगभग 265 मजदूर काम में जुटे हुए थे। अचानक अंदर आंधी-तूफान जैसी तेज आवाजें आने लगी और माहौल खौफनाक हो गया। खतरा महसूस होते ही मजदूरों ने वहां मौजूद चीनी सुपरवाइजर से बाहर जाने की इजाजत मांगी। लेकिन सुपरवाइजर ने उन्हें यह कहकर रोक दिया कि तुम लोग काम जारी रखो, मैं बाहर जाकर देखकर आता हूं। यह कहकर वह बाहर चला गया और फिर वापस नहीं आया।

मलबे का सैलाब और भागते मजदूर

चीनी सुपरवाइजर के जाने के कुछ ही देर बाद टनल में ऊपर से भारी मलबे और पानी तेजी से भरने लगा। जान बचाने के लिए मजदूर टनल के दरवाजे की तरफ भागने लगे। राज अपने तीन अन्य साथियों के साथ बाहर निकलने में सफल तो रहे, लेकिन उनके साथ आए दो साथी अब भी लापता हैं। राज ने बताया कि टनल के अंदर से मदद के लिए चीखें सुनाई दे रही थी, लेकिन हालात इतने बिगड़ चुके थे कि किसी के पास दूसरों की मदद करने का समय नहीं था। हर कोई सिर्फ अपनी जान बचाने में लगा था।

जंगल में पेड़ के नीचे गुजारी रातें

सैलाब से बचने के बाद राज और उनके साथियों ने पास की पहाड़ियों पर स्थित जंगल में शरण ली। मोबाइल नेटवर्क ठप हो चुका था और संपर्क का कोई साधन नहीं था। उन्होंने कई दिन जंगल में बिना खाने-पीने और पेड़ के नीचे रातें गुजारी। राज ने चीनी कंपनियों और प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि अगर बाढ़ और भूस्खलन की जानकारी पहले ही दे दी जाती, तो इतना बड़ा हादसा होने से रुक सकता था।

आधिकारिक पुष्टि का इंतजार, रेस्क्यू ऑपरेशन जारी

राज क्षेत्री के इन दावों और आरोपों की अभी तक किसी स्वतंत्र एजेंसी या प्रशासन द्वारा आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। टनल में वास्तव में कितने लोग फंसे हैं और कितनों की जान गई है, इसका सटीक आंकड़ा आना अभी बाकी है। फिलहाल पूरे इलाके में बड़े पैमाने पर राहत और बचाव कार्य चलाया जा रहा है।