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Manipur Violence: मणिपुर में फिर भड़की हिंसा, ZUF के दो गुटों में घंटों चली गोलीबारी, दो की मौत, कई घायल

Manipur Firing: मणिपुर के नोनी जिले के खुमजी इलाके में ZUF के दो गुटों के बीच गोलीबारी में एक व्यक्ति की मौत और पांच के घायल होने की खबर है। दुर्गम जंगल में सुरक्षा बलों को पहुंचने में परेशानी हुई।
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Aug 29, 2026
Manipur Violence
मणिपुर में फिर भड़की हिंसा(File Photo-ANI)

Manipur Violence: मणिपुर के नोनी जिले में एक बार फिर हिंसा भड़कने की खबर है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार खुमजी इलाके के घने जंगलों में दो प्रतिद्वंद्वी उग्रवादी गुटों के बीच हुई गोलीबारी में दो व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि कई अन्य घायल बताए जा रहे हैं। दुर्गम और पहाड़ी इलाका होने के कारण सुरक्षा बलों को घटनास्थल तक पहुंचने में मुश्किल का सामना करना पड़ा। हालांकि, अधिकारियों ने अभी तक हताहतों की संख्या की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। घटनास्थल तक सुरक्षा एजेंसियों के पहुंचने के बाद ही स्थिति और नुकसान की पूरी तस्वीर साफ होने की उम्मीद है।

ZUF के दो गुटों के बीच हुई भिड़ंत

रिपोर्ट्स के मुताबिक गोलीबारी जेलियांगरोंग यूनाइटेड फ्रंट (ZUF) के दो प्रतिद्वंद्वी गुटों—ZUF-J और ZUF-K—के बीच हुई। दोनों गुटों के बीच इलाके में प्रभाव और नियंत्रण को लेकर लंबे समय से तनाव की बात सामने आती रही है। बताया जा रहा है कि खुमजी के आसपास के जंगलों में काफी देर तक गोलीबारी की आवाजें सुनाई देती रहीं। घटनास्थल आबादी वाले क्षेत्र से दूर होने के कारण बड़े पैमाने पर नागरिकों के प्रभावित होने की खबर नहीं है।

घने जंगल और पहाड़ी इलाके ने बढ़ाई मुश्किल

जिस इलाके में गोलीबारी हुई, वह घने जंगल और पहाड़ी क्षेत्र में स्थित है। दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों के चलते सुरक्षा बलों को मौके तक पहुंचने में परेशानी हो रही है। स्थानीय सूत्रों के अनुसार, संघर्ष की सूचना मिलने के बावजूद सुरक्षा बलों को घटनास्थल तक पहुंचने में समय लगा। इसी वजह से मृतकों और घायलों की संख्या को लेकर भी अभी स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं है।

लंबे समय से चला आ रहा है वर्चस्व का संघर्ष

नोनी और आसपास के इलाकों में अलग-अलग नागा संगठनों के बीच प्रभाव और वर्चस्व को लेकर लंबे समय से तनाव रहा है। इसी कड़ी में ZUF के दोनों गुटों के बीच ताजा संघर्ष को देखा जा रहा है। जेलियांगरोंग यूनाइटेड फ्रंट का गठन 2011 में हुआ था। संगठन जेलियांगरोंग समुदाय के लोगों, उनकी जमीन और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण से जुड़ी मांगें उठाता रहा है। इसके अलावा संगठन जेलियांगरोंग क्षेत्रों को एक प्रशासनिक ढांचे के तहत लाने की मांग भी करता रहा है।

गोलीबारी की असली वजह अभी साफ नहीं

फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि दोनों गुटों के बीच ताजा गोलीबारी की तत्काल वजह क्या थी। संघर्ष में शामिल सभी लोगों की पहचान और घटनाक्रम की पूरी जानकारी भी सामने नहीं आई है।

Updated on:
29 Aug 2026 09:13 pm
Published on:
29 Aug 2026 09:13 pm