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मणिपुर में दो नगा उग्रवादी गुटों के बीच खूनी संघर्ष, गोलीबारी में 4 की मौत; गांव छोड़कर भागे लोग

Noney District Firing: मणिपुर के नोनी जिले में दो नगा उग्रवादी गुटों के बीच तड़के हुई गोलीबारी में चार लोगों की मौत हो गई। घटना के बाद आसपास के गांवों में दहशत फैल गई और ग्रामीण सुरक्षित जगहों की ओर जाने लगे हैं।
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Updated: 4 Nov 2026, 2:45 PM IST
Naga Militant Groups
मणिपुर के नोनी जिले में गोलीबारी के बाद तनाव। (फोटो सोर्स-@unseen_updates)

Manipur News: मणिपुर में एक बार फिर हथियारबंद संगठनों के बीच टकराव से हालात तनावपूर्ण हो गए हैं। नोनी जिले में बुधवार तड़के दो नगा उग्रवादी गुटों के बीच भीषण गोलीबारी हुई। इस घटना में चार लोगों की मौत हो गई, जबकि एक व्यक्ति घायल बताया जा रहा है। गोलीबारी के बाद आसपास के गांवों में डर का माहौल बन गया। अपनी और परिवार की सुरक्षा को देखते हुए कई ग्रामीण घर छोड़कर सुरक्षित जगहों की ओर चले गए।

यह घटना बुधवार सुबह करीब 3:30 से 4 बजे के बीच नोनी जिले के ताओदाइजांग इलाके में हुई। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, गोलीबारी में जेलियांग्रोंग यूनाइटेड फ्रंट के जेंचुई गुट (ZUF-J) और नेशनल सोशलिस्ट काउंसिल ऑफ नागालैंड (इसाक-मुइवा) यानी NSCN (IM) के सदस्य शामिल थे। दोनों संगठनों के बीच किसी बात को लेकर शुरू हुआ विवाद देखते ही देखते गोलियों की आवाज में बदल गया।

सुबह-सुबह गूंजने लगीं गोलियां, इलाके में फैली दहशत

तड़के हुई इस गोलीबारी ने आसपास के गांवों में रहने वाले लोगों को डरा दिया। अचानक गोलियां चलने से लोग अपने घरों में सहम गए। हालात बिगड़ने की आशंका के बीच कई परिवारों ने वहां से निकलना ही बेहतर समझा। ग्रामीण सुरक्षित स्थानों की ओर जाने लगे। पहाड़ी इलाके में हुई इस घटना से लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी भी प्रभावित हुई है।

जानकारी के मुताबिक, इस संघर्ष में मारे गए चार लोगों में एक कैडर ZUF (जेंचुई) गुट का था, जबकि तीन दूसरे गुट से जुड़े बताए जा रहे हैं। एक व्यक्ति गोली लगने से घायल हुआ है। घटना के बाद इलाके में सुरक्षा को लेकर चिंता और बढ़ गई है।

पहले भी भिड़ चुके हैं नगा उग्रवादी गुट

नोनी जिले में नगा संगठनों के बीच इस तरह की हिंसा पहले भी सामने आ चुकी है। इसी साल अगस्त में जेलियांग्रोंग यूनाइटेड फ्रंट के जेंचुई और कामसन गुटों के बीच गोलीबारी हुई थी। उस घटना में दो लोगों की मौत हुई थी, जबकि कई अन्य घायल हुए थे। इसके बाद भी इलाके में तनाव और फायरिंग की घटनाएं सामने आई थीं।

लगातार हो रहे ऐसे टकराव से स्थानीय लोगों की मुश्किलें बढ़ रही हैं। मणिपुर पहले से ही जातीय और सुरक्षा संबंधी तनाव से जूझ रहा है। ऐसे में नगा संगठनों के बीच ताजा संघर्ष ने राज्य में शांति और सुरक्षा को लेकर नई चिंता पैदा कर दी है। अब सबसे बड़ी चुनौती इलाके में तनाव कम करने और ग्रामीणों को सुरक्षित माहौल देने की है।

Updated on:
4 Nov 2026, 2:45 PM IST
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