
Manjinder Singh Sirsa on Supriya Shrinate: दिल्ली की मुख्यमंत्रीरेखा गुप्ता पर कांग्रेस नेतासुप्रिया श्रीनेतकी टिप्पणी को लेकर सियासी विवाद बढ़ गया है। दिल्ली सरकार के मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने सुप्रिया श्रीनेत पर पलटवार करते हुए कांग्रेस की राजनीति पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि महिला सम्मान की बात करने वाली कांग्रेस की प्रवक्ता खुद एक महिला मुख्यमंत्री के लिए अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल कर रही हैं।
मनजिंदर सिंह सिरसा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर सुप्रिया श्रीनेत के बयान की आलोचना की। उन्होंने लिखा कि दिल्ली की चुनी हुई महिला मुख्यमंत्री को 'पागल' और 'दो कौड़ी की ट्रोल' कहना कांग्रेस का असली चेहरा दिखाता है। सिरसा ने कांग्रेस की वरिष्ठ नेताओं सोनिया गांधी और प्रियंका गांधी से भी इस मामले पर जवाब मांगा। उन्होंने सवाल उठाया कि 'लड़की हूं, लड़ सकती हूं' का नारा देने वाली पार्टी की प्रवक्ता यदि किसी महिला मुख्यमंत्री के लिए ऐसी भाषा का इस्तेमाल करती हैं, तो पार्टी नेतृत्व इस पर चुप क्यों है।
दिल्ली सरकार के मंत्री ने कांग्रेस के महिला सम्मान से जुड़े राजनीतिक संदेश पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की प्रवक्ता द्वारा मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के लिए इस्तेमाल की गई भाषा पार्टी के दावों के विपरीत है।
सिरसा ने सोनिया गांधी और प्रियंका गांधी से इस मुद्दे पर अपना रुख स्पष्ट करने की मांग की और पूछा कि क्या महिला सम्मान का नारा केवल चुनाव में वोट हासिल करने के लिए दिया जाता है।
मनजिंदर सिंह सिरसा ने दिल्ली में हुए विरोध प्रदर्शन का जिक्र करते हुए कांग्रेस और उसके सहयोगियों पर भी आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि प्रदर्शन के दौरान उनके साथियों ने सड़कों पर उपद्रव किया और पुलिस पर हमला किया।
सिरसा ने आरोप लगाया कि अब प्रदर्शन में शामिल लोगों को 'देश का युवा' बताकर उनका बचाव किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यदि किसी बेटी के साथ बदसलूकी हुई है, तो दोषी को सजा मिलनी चाहिए, चाहे वह किसी भी राजनीतिक दल से जुड़ा हो। साथ ही उन्होंने विपक्ष से उपद्रव करने वालों का बचाव बंद करने की अपील की।
कांग्रेस नेता सुप्रिया श्रीनेत ने शनिवार रात सोशल मीडिया पर पोस्ट कर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की आलोचना की थी। उन्होंने मुख्यमंत्री के उस बयान पर सवाल उठाया, जिसमें रेखा गुप्ता ने दिल्ली पुलिस और सुरक्षा बलों की भूमिका की सराहना की थी।
सुप्रिया श्रीनेत ने अपनी पोस्ट में मुख्यमंत्री से पूछा था कि क्या उन्होंने लड़कियों के साथ हुई कथित बदसलूकी देखी है। उन्होंने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि युवाओं को पीटा गया और पुलिस गुंडों के सामने मूकदर्शक बनी रही। इसी पोस्ट में उन्होंने मुख्यमंत्री के लिए अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल भी किया था।
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शनिवार को X पर पोस्ट कर राजधानी में हुए विरोध प्रदर्शन को दुर्भाग्यपूर्ण बताया था। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस, आम आदमी पार्टी, वामपंथी संगठनों और CJP से जुड़े लोगों ने विरोध के नाम पर हंगामा किया।
मुख्यमंत्री के मुताबिक, शांति व्यवस्था बनाए रखने में जुटी दिल्ली पुलिस और सुरक्षा बलों को उकसाया गया तथा जानबूझकर टकराव की स्थिति पैदा करने की कोशिश की गई।
रेखा गुप्ता ने दिल्ली के लोगों को धैर्य बनाए रखने के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि प्रदर्शनकारियों ने शहर के सौहार्दपूर्ण माहौल को खराब करने की कोशिश की, लेकिन पुलिस और सुरक्षा बलों की सतर्कता से स्थिति संभाल ली गई। मुख्यमंत्री ने दिल्ली पुलिस के जवानों की विशेष रूप से सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने धैर्य और सूझबूझ के साथ हालात को संभाला तथा आम नागरिकों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार दिल्लीवासियों की सुरक्षा, सुविधा और सामान्य जनजीवन बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है और कानून अपना काम करेगा।