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मराठा आंदोलन खत्म कराने के लिए 500 करोड़ रुपये देने का आरोप, संजय राउत ने अमित शाह से की ED जांच की मांग

Maratha Quota Protest: महाराष्ट्र में मराठा आरक्षण आंदोलन को कमजोर करने के लिए 500 करोड़ रुपये देने के कथित आरोपों पर सियासत तेज हो गई है। संजय राउत ने अमित शाह से ED जांच की मांग की है, वहीं मनोज जरांगे पाटिल ने मामले की SIT जांच कराने की अपील की है।
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Updated: 26 Oct 2026, 10:34 AM IST
Sanjay Raut X Post
शिवसेना (UBT) के सांसद संजय राउत(Photo-IANS)

Maratha Reservation Row: महाराष्ट्र की राजनीति में मराठा आरक्षण आंदोलन को लेकर 500 करोड़ रुपये के कथित लेनदेन के मामले से हलचल तेज हो गई है। सोमवार को शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत ने इस मामले को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को एक लैटर लिखा है। उन्होंने यह सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट किया है। राउत ने इस मामले की प्रवर्तन निदेशालय (ED) से जांच कराने की मांग की।

जरांगे को 500 करोड़ रुपये देने की कोशिश- संजय राउत

शिवसेना यूबीटी सांसद संजय राउत ने आरोप लगाया कि मराठा आरक्षण आंदोलन को कमजोर करने और आंदोलनकारी नेता मनोज जरांगे पाटिल को चुप कराने के लिए कथित तौर पर 500 करोड़ रुपये देने की कोशिश की गई थी। उन्होंने मामले में शिवसेना सांसद श्रीकांत शिंदे की भूमिका पर सवाल उठाए है। बता दें कि श्रीकांत शिंदे डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे के बेटे हैं। 

संजय राउत ने अमित शाह को लिखा पत्र

संजय राउत ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को लिखे पत्र को साझा करते हुए कहा कि मामले की गंभीरता को देखते हुए महाराष्ट्र पुलिस और प्रवर्तन निदेशालय को जांच करनी चाहिए।

संजय राउत ने आरोप लगाया कि बीजेपी अब तक सांसदों, विधायकों, राजनीतिक दलों और चुनावों को प्रभावित करने की कोशिश करती रही है, लेकिन अब कथित तौर पर आंदोलनों को भी प्रभावित करने का प्रयास किया जा रहा है।

उन्होंने सवाल उठाया कि कथित 500 करोड़ रुपये की रकम कहां से आई, किसने यह पैसा दिया और क्या यह रकम वास्तव में मनोज जरांगे पाटिल तक पहुंची थी या नहीं।

2024 के विधानसभा चुनाव से पहले की घटना होने का दावा

संजय राउत ने अपने पत्र में दावा किया कि मनोज जरांगे के कथित खुलासे के मुताबिक, महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव 2024 से पहले उन्हें चुप कराने और मराठा आरक्षण आंदोलन समाप्त कराने के लिए यह प्रयास किया गया था।

राउत ने पत्र में एक कथित ऑडियो क्लिप का भी उल्लेख किया और कहा कि इसमें सामने आए दावे गंभीर हैं। उनके मुताबिक, इस मामले में 500 करोड़ रुपये की कथित रकम का जिक्र सबसे गंभीर पहलू है।

राउत ने मांग की कि जांच के जरिए यह पता लगाया जाए कि भाजपा में किसने एकनाथ शिंदे को कथित तौर पर 500 करोड़ रुपये दिए और यदि यह रकम मनोज जरांगे पाटिल तक नहीं पहुंची, तो आखिर इसका क्या हुआ।

उन्होंने इस मामले में भाजपा के वरिष्ठ नेताओं, एकनाथ शिंदे और श्रीकांत शिंदे की कथित भूमिका की भी जांच कराने की मांग की है। ये सभी आरोप फिलहाल जांच के दायरे में आने वाले दावे हैं।

मनोज जरांगे पाटिल ने भी की उच्चस्तरीय जांच की मांग

मराठा आरक्षण आंदोलन के नेता मनोज जरांगे पाटिल ने भी इस पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है। उन्होंने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से हस्तक्षेप करने की अपील की।

जरांगे पाटिल ने मांग की कि मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) गठित किया जाए और पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित की जाए।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और एकनाथ शिंदे को इस मामले में SIT की पूरी टीम तैनात करनी चाहिए। साथ ही उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी इस मुद्दे पर ध्यान देने का आग्रह किया।

Updated on:
26 Oct 2026, 10:34 AM IST
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