
Mallikarjun Kharge Controversy : (फोटो सोर्स: ANI)
BJP Nationwide Protest: देश की राजनीति में एक बार फिर बयानबाजी और चुनावी प्रक्रिया को लेकर टकराव तेज हो गया है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर की गई विवादित टिप्पणी ने सियासी तापमान बढ़ा दिया है। भारतीय जनता पार्टी ने इस बयान के विरोध में सोमवार को देशभर में प्रदर्शन करने का ऐलान किया है। दूसरी ओर, मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर विपक्ष चुनाव आयोग पर लगातार सवाल उठा रहा है। ऐसे में आने वाले दिनों में राजनीतिक संघर्ष और तीखा होने के संकेत हैं।
एक तरफ खरगे की टिप्पणी पर भाजपा आक्रामक है, तो दूसरी तरफ विपक्ष चुनाव आयोग के खिलाफ दिल्ली में शक्ति प्रदर्शन की तैयारी कर रहा है। व्यापारियों की अपील ने प्रस्तावित रैली के कार्यक्रम को लेकर भी नई चर्चा छेड़ दी है।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने रविवार को बिहार की राजधानी पटना में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान कहा, "मोदी का बाप भी जाएगा।" यह कार्यक्रम बिहार के पहले मुख्यमंत्री श्रीकृष्ण सिंह की 139वीं जयंती के अवसर पर आयोजित किया गया था। खरगे मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण में कथित अनियमितताओं का मुद्दा उठा रहे थे। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी सत्ता में आई तो इस प्रक्रिया में गड़बड़ी करने वालों को जेल भेजा जाएगा।
इसी दौरान श्रोता दीर्घा से एक व्यक्ति ने टिप्पणी की कि देश में विद्रोह नहीं होगा, तब तक मोदी कहीं नहीं जाएंगे। जवाब में खरगे ने विवादित शब्द कहे। बाद में हस्तक्षेप करने वाले व्यक्ति ने अपनी पहचान छपरा के कांग्रेस कार्यकर्ता संतोष कुमार के रूप में बताई।
भाजपा ने इस बयान की कड़ी आलोचना करते हुए सोमवार को देशव्यापी विरोध प्रदर्शन की घोषणा की। जनता दल (यूनाइटेड), लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) और हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा के नेताओं ने भी कांग्रेस अध्यक्ष के शब्दों पर आपत्ति जताई।
बयानबाजी के बीच विपक्षी गठबंधन INDIA ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ अपना अभियान तेज करने की तैयारी की है। विपक्षी दल 30 अक्टूबर को उनके विरुद्ध प्रतीकात्मक 'जन महाभियोग' आयोजित करने और 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में 'दिल्ली चलो मार्च' निकालने की योजना बना रहे हैं।
विपक्ष का आरोप है कि SIR प्रक्रिया में अनियमितताएं हुई हैं और मतदाताओं के अधिकार प्रभावित हो सकते हैं। गठबंधन चुनाव आयोग की जवाबदेही तय करने और कथित 'वोट चोरी' के मुद्दे को राष्ट्रीय बहस के केंद्र में लाना चाहता है। हालांकि, इन आरोपों को लेकर संबंधित पक्षों के बीच विवाद जारी है।
इस राजनीतिक हलचल के बीच खरगे ने सोमवार को संकेत दिया कि दिल्ली के व्यापारियों की मांग पर रैली की तारीख बदलने पर विचार किया जा सकता है। समाचार एजेंसी ANI के अनुसार, उन्होंने कहा कि कारोबारियों की अपील पर सोमवार या मंगलवार तक विचार कर समाधान निकालने की कोशिश होगी।
चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (CTI) ने 24 अक्टूबर को राहुल गांधी को पत्र लिखकर धनतेरस, दिवाली और भाई दूज के मद्देनजर रैली 10 नवंबर के बाद आयोजित करने का अनुरोध किया था। व्यापारियों को आशंका है कि बड़े राजनीतिक आयोजन से त्योहारों के दौरान कारोबार प्रभावित हो सकता है।
पटना में भाजपा कार्यकर्ता कृष्ण कुमार सिंह ने खरगे के बयान के खिलाफ पुलिस शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत रविवार शाम को कोतवाली थाने में दी गई थी, जिसे घटनास्थल के अधिकार क्षेत्र वाले गांधी मैदान थाने भेजा जा रहा है। शिकायतकर्ता ने 24 घंटे में माफी मांगने की मांग की है।
उधर, चुनाव आयोग के खिलाफ आंदोलन कर रही कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेताओं ने भी नए प्रदर्शन का संकेत दिया है। संगठन के सह-संयोजक आशुतोष रांका और सौरव दास ने कहा कि आंदोलन के अगले चरण पर जल्द सामूहिक निर्णय लिया जाएगा।
Updated on:
26 Oct 2026, 10:32 AM IST
Published on:
26 Oct 2026, 10:21 AM IST
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.