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दिल्ली-NCR में लोगों ने क्यों उतार फेंका N95 मास्क, जानिए वजहें

Delhi Pollution: दिल्ली में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) बार-बार 300–400 पार हो रहा है, फिर भी सड़कों पर N95 मास्क पहनने वालों की संख्या लगातार घट रही है।

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Nov 26, 2025
दिल्ली-NCR में लोगों ने क्यों उतार फेंका N95 मास्क (फोटो सोशल मीडिया)

Mask Fatigue: देश की राजधानी दिल्ली और आस-पास के शहरों में वायु प्रदूषण का स्तर 'खतरनाक' श्रेणी में पहुंच चुका है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के ताज़ा आंकड़ों के मुताबिक, कई शहरों में हवा की गुणवत्ता 'गंभीर' से 'खतरनाक' श्रेणी में दर्ज की गई है। इससे लोगों को सांस लेने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। राजधानी में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) बार-बार 300–400 पार कर रहा है, फिर भी सड़कों पर N95 मास्क पहनने वालों की संख्या लगातार घट रही है। यह वह समय है, जब शहरी हवा जहरीली हो चुकी है - पर मास्क लापरवाही बन चुका है।

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क्यों हट रहा है मास्क

बहुत से लोग अब मास्क को कोविड-19 के साथ जोड़कर देखते हैं - एक बीती महामारी की निशानी। जब कोविड खत्म हुआ, तो मास्क भी अनिवार्यता से विकल्प में बदल गया। एक प्रमुख कारण मास्क फटीग है। दिनों, महीनों, सालों तक प्रदूषण और धुएं से जूझते-जूझते लोग थक चुके हैं। N95 को पहनना असहज लगता है, खासकर लंबी दूरी तय करते समय या दफ्तर, बाजार जाने-आने में। इसके अलावा, यह धारणा भी है कि प्रदूषण सिर्फ कमजोर या बुज़ुर्गों को प्रभावित करता है, या थोड़ी बहुत हवा से क्या होगा? गलत सोच और जानकारी की कमी ने लोगों को गैर-सावधान बना दिया है।

आम आदमी पर आर्थिक बोझ

एक N95 मास्क की कीमत 100 रुपये से 250 रुपये के बीच होती है। डॉक्टरों की सलाह के अनुसार, इसे नियमित रूप से बदलना चाहिए - खासकर अत्यधिक प्रदूषित वातावरण में। जो लोग दैनिक मज़दूरी करते हैं, जैसे डिलीवरी एजेंट, ऑटो और रिक्शा चालक, और दुकानदार - वे लोग जो अधिकतम समय बाहर बिताते हैं - उनके लिए हर दूसरे या तीसरे दिन कई मास्क खरीदना संभव नहीं है।

हालत इतनी खतरनाक है कि सिर्फ मास्क काफी नहीं

स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने चेताया है कि सिर्फ मास्क पहनने से बचाव सीमित है - अस्थमा, हृदय रोग, बच्चों, बुज़ुर्गों और गर्भवती महिलाओं के लिए जोखिम विशेष रूप से बढ़ जाता है। कुछ विशेषज्ञ तो इतने चिंतित हैं कि उन्होंने कहा है कि मास्क और एयर प्यूरीफायर केवल अस्थायी राहत दे सकते हैं; इस वायु संकट से निपटने के लिए जमीन से जुड़ी दीर्घकालिक नीतियां और वातावरण सुधारने की पहल ज़रूरी है।

अब क्या करना चाहिए

जब बाहर जाना बेहद ज़रूरी हो, तो फ़िट-फिट वाला N95 या KN95 मास्क पहनें - ये पेपर मास्क या कपड़े के मास्क से बेहतर सुरक्षा देते हैं। बच्चों, बुज़ुर्गों, गर्भवती महिलाओं और फेफड़ों या दिल की बीमारी वाले लोगों को विशेष सावधानी रखनी चाहिए। संभव हो तो एयर प्यूरीफायर का इस्तेमाल करें। फिजिकल वर्क एवं बाहरी व्यायाम (खासकर सुबह-शाम) फिलहाल टालना ही बेहतर है।

N95 मास्क कैसे काम करता है?

N95 रेस्पिरेटर एक श्वसन सुरक्षा उपकरण है, जो हवा में मौजूद कणों को प्रभावी ढंग से फ़िल्टर करता है क्योंकि इसके किनारे नाक और मुंह के चारों ओर एक सील बनाते हैं। सर्जिकल N95 रेस्पिरेटर आमतौर पर स्वास्थ्य सेवा केंद्रों में उपयोग किए जाते हैं और ये N95 फ़िल्टरिंग फेसपीस रेस्पिरेटर का एक उपसमूह हैं, जिन्हें अक्सर N95 कहा जाता है। वायु प्रदूषण से बचाव के लिए सबसे प्रभावी अवरोधक माने जाने वाला यह मास्क अपनी विशिष्ट, बहु-स्तरीय सामग्री में यांत्रिक निस्पंदन और इलेक्ट्रोस्टैटिक आकर्षण के संयोजन से काम करता है।

Updated on:
26 Nov 2025 06:54 pm
Published on:
26 Nov 2025 06:51 pm
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