
Bullet Train Project: भारत के विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार को जापान के एक पूर्व मंत्री के उन दावों को खारिज कर दिया, जिसमें उन्होंने मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट में देरी के लिए भारत को दोषी ठहराया था। उन्होंने कहा कि यह टिप्पणी उनकी एक निजी राय है और तथ्यों से काफी अलग है।
मीडिया ब्रीफिंग के दौरान दावों के बारे में पूछे जाने पर, MEA के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, यह एक निजी राय है और तथ्यों से काफी अलग है। मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड ट्रेन पर भारत-जापान के बीच बातचीत असल में आगे बढ़ रही है। भारत ने जापान के एक पूर्व मंत्री के उन आरोपों का कड़ा जवाब दिया है, जिनमें कहा गया है कि मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट में देरी के लिए नई दिल्ली जिम्मेदार है।
मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड ट्रेन को लेकर भारत-जापान के बीच चर्चा वास्तव में अच्छी तरह से आगे बढ़ रही है। जापान E20 ट्रेन सीरीज उपलब्ध कराएगा, लेकिन यह केवल 2030 के शुरुआती वर्षों में ही संभव होगा। संबंधित ट्रेन अभी भी विकास के चरण में है।
विदेश मंत्रालय प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि, निर्माण कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है। पहला खंड वर्ष 2027 में ही शुरू कर दिया जाएगा। इसलिए, दोनों पक्षों ने भारतीय हाई-स्पीड ट्रेन के साथ परिचालन शुरू करने पर सहमति जताई है।
सिग्नलिंग उपकरण का ऑर्डर उसी के अनुसार दिया गया है और यह अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप है। इस संदर्भ में जापान की ओर से कोई प्रस्ताव प्राप्त नहीं हुआ था। परियोजना का क्रियान्वयन हाई-स्पीड ट्रेन परियोजना को जल्द से जल्द शुरू करने के साझा लक्ष्य के अनुरूप किया जा रहा है। मंत्रालय ने यह भी दोहराया कि भारत और जापान बड़े हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर पर मिलकर काम करना जारी रखे हुए हैं, और बातचीत और प्रोजेक्ट को लागू करने का काम प्लान के मुताबिक आगे बढ़ रहा है।
बुलेट-ट्रेन प्रोजेक्ट में देरी पर जापान के एक पूर्व मंत्री हिदेकी माकिहारा ने आरोप लगाया कि, हमने पूरी कोशिश की लेकिन देरी का सबसे बड़ा कारण भारतीय मंत्री का रवैया था, उन्होंने अपना वादा नहीं निभाया। प्रोजेक्ट में देरी भारत की वजह से हुई, जापान की वजह से नहीं। उन्होंने ओरिजिनल प्लान में बदलावों पर भी चिंता जताई और कहा कि इन मुद्दों ने पार्टनरशिप पर असर डाला।