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मेहबूबा मुफ्ती ने अनुच्छेद 370 और 35A को लेकर BJP-RSS पर साधा निशाना, कांग्रेस पर भी उठाए सवाल

Mehbooba Mufti Latest News PDP प्रमुख और जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री मेहबूबा मुफ्ती ने आरोप लगाया कि अनुच्छेद 370 और 35A की बहाली की मांग करने के कारण उनकी पार्टी को निशाना बनाया जा रहा है।
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Aug 07, 2026
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मेहबूबा मुफ्ती का बड़ा बयान। फोटो सोर्स-IANS

Mehbooba Mufti Latest News: जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री और पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (PDP) प्रमुख मेहबूबा मुफ्ती ने आरोप लगाया है कि उनकी पार्टी को सिर्फ इसलिए परेशान किया जा रहा है क्योंकि PDP ही अनुच्छेद 370 और अनुच्छेद 35A की बहाली की मांग कर रही है। उन्होंने कहा कि पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं को लगातार निशाना बनाया जा रहा है।

इल्तिजा मुफ्ती से पूछताछ के विरोध में प्रदर्शन

मेहबूबा मुफ्ती ने श्रीनगर में विरोध प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन उनकी बेटी इल्तिजा मुफ्ती को एक मामले में पूछताछ के लिए पुलिस द्वारा बुलाए जाने के बाद किया गया। जानकारी के मुताबिक, श्रीनगर के कोठीबाग पुलिस थाने में 5 अगस्त को दर्ज FIR में इल्तिजा मुफ्ती पर आरोप लगाया गया है कि अनुच्छेद 370 हटाए जाने की सातवीं वर्षगांठ पर आयोजित विरोध प्रदर्शन के दौरान उन्होंने ड्यूटी पर तैनात एक वर्दीधारी पुलिसकर्मी के साथ कथित रूप से हाथापाई की।

PDP कार्यकर्ताओं को रास्ते में रोका गया

इल्तिजा मुफ्ती जब कोठीबाग पुलिस स्टेशन जा रही थीं, तब PDP के कई कार्यकर्ता भी उनके साथ जाने की कोशिश कर रहे थे। हालांकि, पुलिस ने उन्हें रास्ते में ही रोक दिया, जबकि इल्तिजा अकेले पुलिस स्टेशन पहुंचीं।

'अनुच्छेद 370 की बहाली की मांग करने पर हमें निशाना बनाया जा रहा'

मीडिया से बातचीत में मेहबूबा मुफ्ती ने कहा कि उनकी पार्टी ही अनुच्छेद 370 और 35A की बहाली की मांग कर रही है, इसलिए वह दक्षिणपंथी संगठनों, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के निशाने पर है। उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी पार्टी को तोड़ने की कोशिश की गई और नेताओं को परेशान तथा डराने का प्रयास किया गया।

नेशनल कॉन्फ्रेंस और कांग्रेस पर भी उठाए सवाल

मेहबूबा मुफ्ती ने कहा कि नेशनल कॉन्फ्रेंस और कांग्रेस ने भी राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग को लेकर प्रदर्शन किए थे, लेकिन केवल PDP के प्रदर्शन को ही रोका गया। उन्होंने सवाल उठाया कि जब अन्य दलों के विरोध प्रदर्शन हुए तो उन पर ऐसी कार्रवाई क्यों नहीं हुई।

फारूक अब्दुल्ला और ए.एस. दुलत के बयान का किया जिक्र

मेहबूबा मुफ्ती ने पूर्व रॉ प्रमुख ए.एस. दुलत का हवाला देते हुए कहा कि उन्होंने हाल ही में फारूक अब्दुल्ला को जम्मू-कश्मीर का सबसे बड़ा नेता बताया था। उन्होंने दावा किया कि दुलत के अनुसार फारूक अब्दुल्ला को इस बात का अफसोस था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अनुच्छेद 370 हटाने से पहले उन्हें विश्वास में नहीं लिया।

मेहबूबा ने यह भी कहा कि दुलत के अनुसार फारूक अब्दुल्ला ने उनसे कहा था कि यदि उन्हें विश्वास में लिया जाता तो अनुच्छेद 370 हटाने की प्रक्रिया और आसान हो सकती थी।

शेख अब्दुल्ला के पुराने बयान का भी किया उल्लेख

मेहबूबा मुफ्ती ने नेशनल कॉन्फ्रेंस के संस्थापक दिवंगत शेख मोहम्मद अब्दुल्ला के वर्ष 1981 के एक बयान का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने उस समय कहा था कि अनुच्छेद 370 कोई ऐसा प्रावधान नहीं है जिसे बदला नहीं जा सकता। उन्होंने यह भी कहा था कि यदि जम्मू-कश्मीर के विकास में अनुच्छेद 370 बाधा बने तो उसे हटाया जा सकता है। मेहबूबा ने कहा कि 1981 में कही गई यही बात वर्ष 2019 में लागू हुई।

मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला पर भी साधा निशाना

मेहबूबा मुफ्ती ने आरोप लगाया कि जब 5 जुलाई को विभिन्न राजनीतिक दल राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे, तब मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला इस मुद्दे पर कुछ भी कहने से बचने के लिए जम्मू संभाग के पुंछ और राजौरी जिलों के दौरे पर चले गए थे।

पार्टी मुख्यालय तक सीमित रहा प्रदर्शन

PDP की ओर से श्रीनगर शहर में विरोध मार्च निकालने की कोशिश की गई, लेकिन इसकी अनुमति नहीं दी गई। इसके बाद पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं को रेजिडेंसी रोड स्थित पार्टी मुख्यालय तक ही सीमित रखा गया।

Updated on:
07 Aug 2026 05:15 pm
Published on:
07 Aug 2026 05:15 pm