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सीएम विजय ने बच्चों के साथ बैठकर किया नाश्ता, तमिलनाडु में 15 लाख और बच्चों को मिलेगा फ्री ब्रेकफास्ट

CM Vijay Free Breakfast Scheme: तमिलनाडु के सीएम सी. जोसेफ विजय ने थिरुवनमियूर के सरकारी स्कूल में छात्रों संग नाश्ता कर पेरुंथलाइवर कामराजर फ्री ब्रेकफास्ट स्कीम का विस्तार किया। अब कक्षा 6-8 तक 15 लाख और बच्चों को मिलेगा लाभ, जानें पूरी योजना।
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सीएम विजय(फोटो-IANS)

Perunthalaivar Kamarajar Breakfast Scheme: थिरुवनमियूर के गांधी ग्रामम स्थित सरकारी मिडिल स्कूल में 'पेरुंथलाइवर कामराजर फ्री ब्रेकफास्ट स्कीम' के विस्तार की शुरुआत करने के बाद मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने स्कूल के छात्रों के साथ नाश्ता किया। इस विस्तार के तहत सुबह के मुफ़्त भोजन की योजना, जो पहले कक्षा 1 से 5 तक के छात्रों को दी जाती थी, अब कक्षा 6 से 8 तक के छात्रों के लिए भी शुरू की जाएगी। इस विस्तार से राज्य भर के 15,454 सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों में लगभग 15.30 लाख और छात्रों को फ़ायदा होगा।

कब शुरू हुई ये योजना

दरअसल, पेरुंथलाइवर कामराजर फ्री ब्रेकफास्ट स्कीम के तहत तमिलनाडु सरकार द्वारा सरकारी व सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों के छात्रों को नाश्ता दिया जाता है। इसे DMK सरकार ने सितंबर 2022 में शुरू किया था। तब इसे मुख्यमंत्री ब्रेकफास्ट स्कीम नाम दिया गया था।

जुलाई 2026 में TVK सरकार (मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय) ने इसका नाम बदलकर पेरुंथलाइवर कामराजर ब्रेकफास्ट स्कीम कर दिया। यह नाम पूर्व मुख्यमंत्री के. कामराज (जिन्हें पेरुंथलाइवर कहा जाता है) के सम्मान में रखा गया। जिन्होंने शिक्षा और स्कूल मील योजनाओं को बढ़ावा दिया था। योजना को कक्षा 6 से 8 तक बढ़ाया गया है। आज विस्तार के आधिकारिक लॉन्चिंग के मौके पर सीएम विजय ने स्कूली बच्चों के साथ नाश्ता किया।

कितने बच्चों को मिलता है योजना का लाभ

वर्तमान में (कक्षा 1 से 5 तक) यह योजना लगभग 19,34,230 बच्चों को लाभ पहुंचाती है। 22 सितंबर 2026 से विस्तार के बाद कक्षा 6 से 8 तक के अतिरिक्त लगभग 15 लाख छात्र जुड़ेंगे। छात्रों को हर कामकाजी दिन 150-200 ग्राम नाश्ता मिलता है, जिसमें लगभग 294 किलोकैलोरी ऊर्जा होती है।

बच्चों को नाश्ते में क्या क्या मिलता है?

सप्ताह के दिनों में बच्चों को उपमा (सांभर के साथ), खिचड़ी या पोंगल परोसा जाता है। शुक्रवार को रवा केसरी या सेमिया केसरी जैसी मिठाई भी दी जाती है। वहीं, सप्ताह में कम से कम दो दिन स्थानीय बाजरा आधारित व्यंजन शामिल किए जाते हैं। यह मेनू पोषण की कमी दूर करने, प्रोटीन, आयरन और कैल्शियम उपलब्ध कराने के लिए तैयार किया गया है। सरकार प्रति बच्चा प्रति दिन लगभग ₹12.71 खर्च करती है।

योजना का मुख्य लक्ष्य बच्चों को भूखे पेट स्कूल न जाने देना, उनकी उपस्थिति और पढ़ाई पर ध्यान बढ़ाना तथा समग्र स्वास्थ्य सुधारना है। यह मिड-डे मील योजना के साथ मिलकर छात्रों को दिन में दो पौष्टिक भोजन सुनिश्चित करती है।