
Ayodhya Ram Mandir Chadhawa Chori :अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी (फोटो सोर्स: ANI)
Jairam Ramesh Ram Mandir Chadhawa Chori: अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी का मामला अब राजनीतिक सवालों के बीच भी पहुंच गया है। कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने X पर पोस्ट कर जांच की गति, आरोपियों पर कार्रवाई और मंदिर की व्यवस्था को लेकर कई सवाल उठाए हैं। उनका यह बयान ऐसे समय आया है, जब सुप्रीम कोर्ट को बताया गया है कि SIT की जांच में CCTV के जरिए कथित चोरी की 105 घटनाओं की पहचान हुई है और 25 सितंबर तक चार्जशीट दाखिल करने की बात कही गई है।
जयराम रमेश ने अपने X पोस्ट में लिखा कि राम मंदिर के चढ़ावे की चोरी के मामले में जांच को तीन महीने पूरे होने वाले हैं, लेकिन आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट का सवाल अब भी अहम बना हुआ है। उन्होंने तंज कसते हुए पोस्ट की शुरुआत “चंदा चोरी, आस्था धोखा” से की और भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि राम के नाम को बदनाम नहीं किया जाना चाहिए।
जयराम रमेश ने दावा किया कि शुरुआती जांच में सामने आए 70 मामलों की तुलना में अब CCTV में 105 कथित चोरी की घटनाएं सामने आई हैं। हालांकि, यह संख्या कांग्रेस नेता का स्वतंत्र दावा नहीं है; सुप्रीम कोर्ट को दी गई SIT की स्थिति रिपोर्ट में भी 105 कथित चोरी की घटनाओं का उल्लेख सामने आया है। जांच में CCTV फुटेज के अलावा गवाहों के बयान और दान से जुड़े रिकॉर्ड की भी जांच की गई है।
मामले में 25 सितंबर की तारीख इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि सुप्रीम कोर्ट को 21 सितंबर को बताया गया कि पहली गिरफ्तारी के बाद 90 दिन की अवधि इसी दिन पूरी हो रही है। उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत को बताया कि SIT 25 सितंबर तक चार्जशीट दाखिल करेगी।
रमेश ने इसी समयसीमा को लेकर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि जांच में बड़ी मछलियों और कथित संरक्षकों की भूमिका सामने नहीं लाई जा रही है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चुप्पी पर भी सवाल उठाए और सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच तथा मंदिर व्यवस्था के फॉरेंसिक ऑडिट की मांग रखी।
SIT की रिपोर्ट के अनुसार CCTV फुटेज में 105 कथित घटनाओं की पहचान हुई है। वहीं, सुप्रीम कोर्ट के समक्ष रखी गई जानकारी में यह भी सामने आया कि कुछ मूल्यवान वस्तुओं और चांदी से जुड़े दान की जांच में कथित तौर पर कोई विसंगति नहीं मिली। यानी जांच का दायरा केवल नकद चढ़ावे तक सीमित नहीं रहा है।
अब निगाहें चार्जशीट पर हैं। उसमें किन लोगों के नाम आते हैं, किन सबूतों को आधार बनाया जाता है और जांच कथित चोरी की घटनाओं की जिम्मेदारी किस स्तर तक तय करती है इन सवालों के जवाब से इस पूरे विवाद की अगली दिशा तय होगी।
Updated on:
22 Sept 2026 10:19 am
Published on:
22 Sept 2026 09:56 am
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