
सरकारी और सार्वजनिक आयोजनों में राष्ट्रगीत (National Song) और राष्ट्रगान (National Anthem) को लेकर अलग-अलग राज्यों में अपनाई जा रही व्यवस्थाओं पर गृह मंत्रालय (Ministry of Home Affairs) ने विराम लगा दिया है। गृह मंत्रालय ने शुक्रवार को इसके लिए एक विस्तृत प्रोटोकॉल जारी कर दिया है। नए आदेश के ज़रिए राष्ट्रगीत और राष्ट्रगान के प्रस्तुतीकरण का एक समान और अनिवार्य प्रोटोकॉल तय किया गया है। मंत्रालय ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों और मंत्रालयों के प्रशासनिक प्रमुखों को निर्देश दिया है कि इस प्रोटोकॉल का हर स्तर पर पालन सुनिश्चित कराया जाए।
अगर किसी सरकारी या सार्वजनिक कार्यक्रम में राष्ट्रगीत और राष्ट्रगान दोनों होने हैं, तो हमेशा राष्ट्रगीत पहले और राष्ट्रगान बाद में होगा। जिन राज्यों में राष्ट्रगान या राष्ट्रगीत के साथ वहाँ का राज्यगीत भी गाया जाता है तो वहाँ भी यही क्रम रहेगा। ऐसे कार्यक्रमों में राष्ट्रगीत और राष्ट्रगान दोनों एक साथ प्रस्तुत किए जाएंगे, जिसमें पहले राष्ट्रगीत होगा और उसके तुरंत बाद राष्ट्रगान।
गृह मंत्रालय ने अपने आदेश में स्पष्ट कर दिया है कि राष्ट्रीय प्रतीकों के सम्मान से संबंधित दिशा-निर्देश पहले भी जारी किए जा चुके हैं, लेकिन अलग-अलग राज्यों और संस्थानों में उनके पालन को लेकर व्यावहारिक भ्रम की स्थिति बनी हुई थी। इसी भ्रम को खत्म करने और पूरे देश के आयोजनों में एकरूपता लाने के लिए यह प्रोटोकॉल जारी किया गया है।
गृह मंत्रालय द्वारा जारी किए गए प्रोटोकॉल के अनुसार राष्ट्रगीत और राष्ट्रगान के बिल्कुल सही उच्चारण, धुन और गायन-वादन की सटीक अवधि भी तय की है। इन सभी दिशा-निर्देशों का पालन करना ज़रूरी है। नियमों का पालन आसान बनाने के लिए गृह मंत्रालय ने कहा है कि राष्ट्रगीत और राष्ट्रगान का सही गायन-वादन और सही उच्चारण मंत्रालय की वेबसाइट पर उपलब्ध है। गृह मंत्रालय ने सभी राज्य सरकारों, केंद्र शासित प्रदेशों के प्रशासन और केंद्रीय मंत्रालयों से अनुरोध किया है कि वो अपने अधिकार क्षेत्र में आने वाले संस्थानों और संगठनों को उचित निर्देश जारी करें ताकि तय नियमों का सख्ती से पालन किया जा सके।