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जमुई केस में POCSO एक्ट पर सियासी जंग: पहले सीएम सम्राट चौधरी, अब मीसा भारती पर FIR की मांग

Jamui Case: जमुई नाबालिग पीड़िता की पहचान कथित तौर पर सार्वजनिक करने के आरोप को लेकर बिहार में विवाद बढ़ गया है। बीजेपी महिला मोर्चा की ओर से RJD सांसद मीसा भारती के खिलाफ सचिवालय थाने में शिकायत देकर POCSO एक्ट के तहत कार्रवाई की मांग की गई है। इससे पहले मीसा भारती ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के खिलाफ इसी मामले में शिकायत की थी।
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Sep 26, 2026
Jamui Molestation Case
बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और राजद सांसद मीसा भारती

Jamui Molestation Case: बिहार के जमुई में नाबालिग लड़की के साथ छेड़छाड़ और उसकी पहचान सार्वजनिक किए जाने के मामले में राजनीतिक विवाद बढ़ता जा रहा है। प्रोटेक्शन ऑफ चिल्ड्रन्स फ्रॉम सेक्सुअल ऑफेंसेस (POCSO) एक्ट के उल्लंघन को लेकर RJD और BJP आमने-सामने आ गई है। RJD सांसद मीसा भारती द्वारा बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के खिलाफ FIR दर्ज कराने की कोशिश के ठीक अगले दिन शनिवार को BJP महिला मोर्चा ने मीसा भारती के खिलाफ सचिवालय थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई। BJP का आरोप है कि मीसा भारती ने पीड़िता के परिवार की तस्वीर दिखाकर लड़की की पहचान उजागर की, जो कानून के तहत एक दंडनीय अपराध है।

बीजेपी महिला मोर्चा की सदस्य ने बताया कि मीसा भारती के खिलाफ शिकायत दर्ज की गई है क्योंकि आरोप है कि उन्होंने जमुई मामले में पीड़िता की पहचान से जुड़ी तस्वीर सार्वजनिक की थी। प्रवक्ता ने कहा कि POCSO मामलों में पीड़ित बच्चे की पहचान सार्वजनिक नहीं की जानी चाहिए और मुख्य मकसद पीड़ित को न्याय दिलाना होना चाहिए। पुलिस इस मामले में बहुत तेजीसे कार्रवाई कर रही है, मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है और इस कार्रवाई के दौरान 200 से ज्यादा लोगों को पकड़ा गया है। दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने के लिए इस मामले की सुनवाई तेज़ी से की जाएगी।

शीला पंडित ने दर्ज कराई शिकायत

मनेर की रहने वाली शीला पंडित ने पटना के सचिवालय पुलिस स्टेशन में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि RJD सांसद मीसा भारती ने जानबूझकर सोशल मीडिया पर जमुई की पीड़िता के परिवार की तस्वीर फैलाई। इसमें कहा गया है कि परिवार की तस्वीर सार्वजनिक करने से पीड़िता की पहचान उजागर हो गई है, जिससे लड़की की निजता, सामाजिक प्रतिष्ठा और सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा पैदा हो गया है।

थाने में दर्ज कराई गई शिकायत

POCSO के तहत केस दर्ज करने की मांग

थाने में दी गई अर्जी में कहा गया है कि पीड़ित की पहचान उजागर करना POCSO एक्ट 2012 की धारा 23 (खासकर धारा 23(2)) और जुवेनाइल जस्टिस (JJ) एक्ट की धारा 74 के तहत एक दंडनीय अपराध है। धारा 23(2) के अनुसार किसी भी पीड़ित बच्चे की जानकारी, तस्वीर, नाम या पता मीडिया में प्रकाशित या प्रसारित करने पर सख्ती से रोक लगाती है। BJP ने मांग की है कि सचिवालय पुलिस स्टेशन इस मामले में संबंधित धाराओं के तहत सांसद के खिलाफ तुरंत FIR दर्ज करे।

सम्राट चौधरी के खिलाफ केस कराने थाने पहुंची थीं मीसा भारती

इससे पहले शुक्रवार को RJD सांसद मीसा भारती सचिवालय पुलिस स्टेशन पहुंची थीं। उन्होंने आरोप लगाया था कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सोशल मीडिया पर जमुई नाबालिग पीड़िता के परिवार के साथ तस्वीर साझा कर उनकी पहचान उजागर की है, जो सीधे तौर पर पॉक्सो एक्ट के प्रावधानों का उल्लंघन है। थाने से निकलते हुए मीसा भारती ने प्रशासन पर सवाल उठाते हुए कहा था कि अगर पुलिस किसी सांसद की शिकायत लेने से इनकार करती है और दबाव में FIR दर्ज करने से बचती है, तो आम जनता की पुलिस स्टेशन में क्या हालत होती होगी, इसका अंदाजा ही लगाया जा सकता है।

Updated on:
26 Sept 2026 07:31 pm
Published on:
26 Sept 2026 07:31 pm