मोदी सरकार ने छोटी बचत योजनाओं में निवेश करने वाले निवेशकों को नए साल का तोहफा दिया है। केंद्र सरकार ने NSC, Post Office Term Deposits सीनियर सिटीजन सेविंग स्कीम (senior citizen savings) पर मिलने वाले ब्याज दरों में इजाफा किया है। पीपीएफ की ब्याज दरों में बदलाव नहीं किया है।
वर्ष 2022 की विदाई करते हुए केंद्र की मोदी सरकार ने छोटी बचत योजनाओं में निवेश करने वाले निवेशकों को नए साल 2023 का एक शानदार तोहफा दिया है। मोदी सरकार के इस तोहफे के बाद तमाम निवेशकों के चेहरे में खुशी की लहर दौड़ गई। मोदी सरकार ने 1 जनवरी 2023 से राष्ट्रीय बचत प्रमाण पत्र, डाक घर सावधि जमाओं और वरिष्ठ नागरिक बचत योजना पर ब्याज दरों में इजाफा किया है। पर पीपीएफ निवेशकों को निराशा का सामना करना पड़ेगा। केंद्र सरकार ने पीपीएफ की ब्याज दरों में कोई बदला नहीं किया है।
इन योजनाओं में बढ़ेगा ब्याज
केंद्र सरकार ने शुक्रवार (30 दिसंबर, 2022) को एक बड़ा ऐलान किया है। केंद्र सरकार ने 1 जनवरी से राष्ट्रीय बचत प्रमाणपत्र, डाकघर सावधि जमा, वरिष्ठ नागरिक बचत योजना पर ब्याज दरों में बढ़ोतरी की घोषणा की है।
जानें किस बचत योजना में केंद्र सरकार ने बढ़ाया है ब्याज
राष्ट्रीय बचत प्रमाणपत्र पर 1 जनवरी से 7 फीसदी की दर से ब्याज मिलेगा, जबकि अभी यह 6.8 फीसदी है। वरिष्ठ नागरिक बचत योजना पर वर्तमान में 7.6 प्रतिशत ब्याज मिलता है, जिस पर 8 प्रतिशत की दर से ब्याज मिलेगा। 1 से 5 साल की अवधि की पोस्ट ऑफिस टर्म डिपॉजिट स्कीम्स पर ब्याज दरें 1.1 प्रतिशत तक बढ़ जाएंगी। मासिक आय योजना में भी 6.7 प्रतिशत से बढ़कर 7.1 प्रतिशत ब्याज मिलेगा।
PPF और सुकन्या समृद्धि योजना के ब्याज में कोई बदलाव नहीं
पर केंद्र सरकार ने पब्लिक प्रॉविडेंट फंड और बालिका बचत योजना सुकन्या समृद्धि पर ब्याज दरों में बदलाव नहीं किया गया है। तो जिन लोगों ने पीपीएफ और बालिका बचत योजना सुकन्या समृद्धि में निवेश किया है, उन्हें निराश होना पड़ेगा। इस वक्त पीपीएफ पर 7.1 फीसद और बालिका बचत योजना सुकन्या समृद्धि 7.6 फीसद ब्याज मिलता है।