सिलचर में रह रहा 'सजल दास' असल में पश्चिम बंगाल का मोइनुल इस्लाम निकला! जाली दस्तावेज़ों से अपनी पहचान छिपाकर एक स्थानीय महिला के साथ संबंध बना रहा था। पड़ोसियों के शक के बाद पकड़ा गया और अब जाली दस्तावेज़ों के मामले में गिरफ्तार। पुलिस जांच में जुटी है कि ये दस्तावेज़ कहाँ से और कैसे बनाए गए।
असम में मोइनुल इस्लाम नाम के एक शख्स को गिरफ्तार किया गया है। उसे अपनी पहचान छिपाने और जाली दस्तावेजों के जरिए एक स्थानीय महिला के साथ संबंध बनाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है।
पहले महिला ने यह दावा किया था कि वह उसकी पत्नी है। पुलिस ने बताया कि मोइनुल पिछले कुछ महीनों से सिलचर में सजल दास के नाम से रह रहा था। वह घर-घर जाकर सामान बेचने का छोटा-मोटा काम करता था।
पुलिस के मुताबिक, मोइनुल इस्लाम पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद का रहने वाला है। उसे असम के सिलचर से गिरफ्तार किया गया है।
मोइनुल ने खुद की पहचान को साबित करने के लिए सजल दास के नाम से जारी मतदाता पहचान पत्र और आधार कार्ड पेश किए। जांच से पता चला कि दोनों पहचान पात्र जाली हैं।
बताया जा रहा है कि मोइनुल का एक स्थानीय महिला के साथ संबंध था। वह किराए के घर में बार-बार उसके पास आती थी, जिससे इलाके में संदेह पैदा हो गया। कुछ पड़ोसियों ने बताया कि महिला को उसकी पत्नी बताया गया था, जबकि वास्तव में उनकी शादी नहीं हुई थी।
रविवार को, जब महिला फिर से उसके घर आई, तो कुछ स्थानीय निवासियों ने मोइनुल का विरोध किया। बहस के बाद, पुलिस को सौंपने से पहले उसके साथ मारपीट की गई।
जांच के दौरान, पुलिस को पता चला कि सजल दास असल में मोइनुल इस्लाम है। वह पहचान छिपाने के लिए नकली आधार और वोटर आईडी का इस्तेमाल कर रहा था।
अब पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि जाली आधार और मतदाता पहचान पत्र मुर्शिदाबाद में बनाये गए थे या अवैध माध्यमों का उपयोग करके सिलचर में बनाए गए थे।