
Attacks on Hindus in Bangladesh: बांग्लादेश (Bangladesh) में हिंदुओं सहित अल्पसंख्यकों के दमन पर दुनिया भर में किरकिरी करा चुके अंतरिम सरकार के प्रमुख सलाहकार मोहम्मद यूनुस (Muhammad Yunus) ने हकीकत से मुंह मोड़ लिया है। यूनुस ने एक जापानी अखबार को दिए इंटरव्यू में बांग्लादेश में अल्पसंख्यकाें के उत्पीड़न के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने हिंदुओं की सुरक्षा को लेकर व्यक्त की गई भारत की चिंताओं को प्रोपगेंडा करार देते हुए कहा कि इस तरह की चिंताओं के पीछे ठोस आधार नहीं है। निर्वासित प्रधानमंत्री शेख हसीना पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उनके खिलाफ अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण (ICT) में चल रहे मुकदमे का फैसला आने के बाद भारत से उनके प्रत्यर्पण की औपचारिक मांग की जाएगी। एक बार फैसला आ जाने और सजा तय हो जाने के बाद भारत से उन्हें सौंपने का औपचारिक अनुरोध करेंगे। दोनों देशों के बीच इस संबंध में समझौता है जिस पर भारत को अमल करना होगा। उन्होंने कहा कि देश संवैधानिक और न्यायिक सुधार पूरे होने के बाद ही चुनाव होंगे।
चीफ एडवाइजर मोहम्मद यूनुस ने पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना पर बड़ा आरोप लगाते हुए कहा कि शेख हसीना ने सबकुछ बर्बाद कर दिया। यूनुस ने ये भी कहा कि चुनाव सुधार के बाद ही बांग्लादेश में चुनाव कराए जाएंगे। चुनाव कराने से पहले हमें अर्थव्यवस्था, शासन, नौकरशाही और न्यायपालिका में सुधार करने की जरूरत है।
बांग्लादेश की अंतरिम सरकार ने चुनावी सिस्टम, संविधान और न्यायपालिका में सुधार के लिए कई आयोग का गठन किया है। उन्होंने कहा कि इन सुधारों को लागू होने में अभी समय लगेगा, क्योंकि हम नए सिरे से बांग्लादेश का निर्माण कर रहे हैं। यूनुस ने अपने चुनाव लड़ने की बात को खारिज करते हुए कहा, शेख हसीना के 15 साल के कार्यकाल में बांग्लादेश में सबकुछ बर्बाद हो गया। उनकी सरकार में प्रशासनिक ढांचा पूरी तरह से बर्बाद हो गया है। यूनुस ने आरोप लगाया कि शेख हसीना ने दिखावटी चुनाव कराए और खुद को और अपनी पार्टी को निर्विरोध विजेता घोषित किया। उन्होंने एक फासीवादी शासक के रूप में शासन किया।