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देवरहा बाबा की रहस्यमयी दुनिया: लकड़ी के मचान पर रहने वाले संत, जिनसे जुड़ी हैं इंदिरा गांधी से अटल बिहारी वाजपेयी तक की कहानियां

देवरहा बाबा के जीवन और उनसे जुड़ी मान्यताओं पर फिल्म 'मचान बाबा' बनाने की तैयारी है। जानिए लकड़ी के ऊंचे मचान पर रहने वाले इस संत की रहस्यमयी जीवनशैली, इंदिरा गांधी, राजीव गांधी, अटल बिहारी वाजपेयी और जॉर्ज पंचम से जुड़ी चर्चित कहानियां।
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Oct 14, 2026
Devraha Baba news
देवरहा बाबा

Devraha Baba: नीम करोली बाबा से प्रेरित फिल्म 'हनुमान अंश' की सफलता के बाद अब एक और रहस्यमयी और महान संत के जीवन को बड़े पर्दे पर उतारने की तैयारी शुरू हो गई है। प्रसिद्ध संत देवरहा बाबा के जीवन, अनूठी जीवनशैली और उनसे जुड़े रहस्यों पर आधारित नई फिल्म ''मचान बाबा' बनाई जाएगी। बाबा यमुना और सरयू नदी के किनारे 10 से 12 फीट ऊंचे लकड़ी के मचान पर रहते थे और सिर्फ नदी में स्नान के लिए उतरते थे, इसी कारण उन्हें मचान बाबा कहते है। देवरहा बाबा उत्त

इंदिरा गांधी, राजीव गांधी, अटल बिहारी वाजपेयी जैसे दिग्गजों से मुलाकात


इस फिल्म का निर्माण 'ओजस फिल्म्स' के बैनर तले किया जा रहा है। इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट को ब्रिटेन में स्थापित भारतीय मूल की कारोबारी पूनम गुप्ता और अमरीका में रहने वाले उद्यमी विकल्प पालीवाल मिलकर प्रोड्यूस कर रहे हैं। बताया जाता है कि देवरहा बाबा की रहस्यमयी आयु, पेड़ बने मचान पर रहने का उनका अनूठा अंदाज और देश-विदेश की प्रमुख हस्तियों से उनके जुड़ाव को गहन शोध के साथ दिखाया जाएगा। रिसर्च में ब्रिटिश सम्राट जॉर्ज पंचम, भारत की पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी, राजीव गांधी, अटल बिहारी वाजपेयी जैसे दिग्गजों के साथ बाबा की मुलाकातों के प्रसंग शामिल हैं। इसके अलावा नीम करोली बाबा और देवरहा बाबा के बीच के आत्मीय संबंधों के प्रसंगों को भी इस शोध का हिस्सा बनाया गया है।

राजनीति की परतें खोलेंगी फिल्म


बताया जाता है कि फिल्म 'मचान बाबा' केवल चमत्कारों पर केंद्रित नहीं होगी। फिल्म भारतीय आस्था, समृद्ध इतिहास, राजनीति और संत जीवन के गूढ़ रहस्यों को प्रमाणिकता के साथ दर्शकों के सामने प्रस्तुत करेगी। इसके वर्ष 2027 में सिनेमाघरों में रिलीज करने की योजना है।

इन चमत्कारों की होती है चर्चा

  1. सदियों तक जीवित रहने का दावादेवरहा बाबा की उम्र को लेकर कई मान्यता है। लोग उनकी उम्र 250 से 900 वर्ष तक मनाते हैं। उनके जन्म का कोई सर्वमान्य रिकॉर्ड नहीं मिलता, जबकि उनके देहत्याग की तारीख 19 जून 1990 बताई जाती है।
  2. कांग्रेस का चुनाव चिह्न1977 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस की हार के बाद इंदिरा गांधी देवरहा बाबा का आशीर्वाद लेने उनके पास पहुंचीं। बाबा ने हाथ उठाकर खुली हथेली दिखाई और कहा कि यही हाथ उनका कल्याण करेगा। बाद में कांग्रेस ने हाथ के पंजे को अपना चुनाव चिह्न बनाया।
  3. जार्ज पंचम ने की थी मुलाकातकहानी के अनुसार वर्ष 1911 में ब्रिटेन के राजा जॉर्ज पंचम बाबा से मुलाकात के लिए देवरिया जिले के मइल गांव में देवरहा बाबा के आश्रम पहुंचे। जॉर्ज पंचम और बाबा के बीच काफी देर तक बातचीत हुई। लेकिन दोनों के बीच क्या बात हुई, इसका विवरण बाबा के शिष्यों ने सार्वजनिक नहीं किया।
  4. पैर से आशीर्वादबाबा ऊंचे लकड़ी के मचान पर बैठते थे और नीचे आने वाले श्रद्धालुओं को अपने पैरों के अंगूठे से आशीर्वाद देते थे। बताया जाता है कि राजीव गांधी भी उनसे आशीर्वाद लेने पहुंच थे।
  5. बिना पूछे मन की बात जान लेने की मान्यताअनुयायियों के बीच यह मान्यता प्रचलित रही कि वे सामने आने वाले व्यक्ति की परेशानी और मन की बात बिना पूछे जान लेते थे।
  6. पानी पर चलने का दावाबाबा के बारे में प्रचलित कथाओं में जल पर चलने और पानी के भीतर लंबे समय तक रहने की बात भी कही जाती है। दावा किया जाता है कि वे वृंदावन में यमुना के पानी में आधे घंटे तक बिना सांस लिए रह सकते थे।
  7. डॉ. राजेंद्र प्रसाद के राष्ट्रपति बनने की भविष्यवाणीराजेंद्र प्रसाद बचपन में अपने माता-पिता के साथ बाबा के पास गए थे। कहा जाता है कि उन्हें देखकर बाबा ने भविष्य में बड़ा पद प्राप्त करने की बात कही थी।
  8. अयोध्या में राम मंदिर बनने की भविष्यवाणीदेवरहा बाबा ने साक्षात्कार में राम जन्मभूमि पर मंदिर बनने को लेकर विश्वास व्यक्त किया था।
  9. हाथ घुमाते ही फल और मिठाइयां प्रकट होनादेवरहा बाबा के चमत्कारों में एक रोचक किस्सा यह भी है कि वे अपने ऊंचे मचान पर बैठे-बैठे हवा में हाथ घुमाते थे और उनके हाथ में फल, मिठाइयां या अन्य खाद्य पदार्थ आ जाते थे। कहा जाता है कि वे पशु-पक्षियों की आवाज भी समझ लेते थे।
  10. बिना किसी वाहन के यात्रा करनादेवरहा बाबा के जीवन से जुड़ी एक मान्यता यह भी है कि वे किसी गंतव्य तक पहुंचने के लिए वाहनों का इस्तेमाल नहीं करते थे। भक्त इसे उनकी तपस्या, साधना और विरक्त जीवनशैली से जोड़ते हैं।
  11. अटल जी को देश का नेतृत्व करने का आशीर्वादप्रचलित कथा के अनुसार देवरहा बाबा ने अटल बिहारी वाजपेयी को आशीर्वाद देते हुए कहा था कि एक दिन वे देश का नेतृत्व करेंगे। उस समय अटल जी के प्रधानमंत्री बनने की संभावना दूर दिखाई देती थी।
Published on:
14 Oct 2026 04:00 am